,

रिनपास के DNB डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

रांची  राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब रिनपास, कांके में कार्यरत डीएनबी डॉक्टरों के मानदेय पुनरीक्षण की दिशा में भी कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर संबंधित प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य विभाग…

रिनपास के DNB डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

रांची
 राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब रिनपास, कांके में कार्यरत डीएनबी डॉक्टरों के मानदेय पुनरीक्षण की दिशा में भी कार्रवाई की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर संबंधित प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मंत्री के निर्देश पर संबंधित फाइल को स्वीकृति दी गई है।
प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को 70 हजार रुपये

राज्य सरकार के संकल्प के अनुसार, सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक) डॉक्टरों के मासिक मानदेय में वृद्धि की गई है।

अब प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को 54,500 रुपये के स्थान पर 70 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों को 58,500 रुपये के स्थान पर 75 हजार रुपये और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों को 63 हजार रुपये के स्थान पर 80 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह डॉक्टरों को उनके वर्ष के अनुसार 15,500 से 17 हजार रुपये तक अतिरिक्त मानदेय मिलेगा।

रिनपास के डीएनबी डॉक्टरों को राहत की उम्मीद
रिनपास में कार्यरत डीएनबी प्रशिक्षणार्थी डॉक्टर लंबे समय से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप मानदेय पुनरीक्षण की मांग कर रहे थे। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, ब्रॉड स्पेशियलिटी डीएनबी प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में क्रमशः 43 हजार, 45 हजार और 47 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मानदेय निर्धारित है। वहीं, पोस्ट-डिप्लोमा डीएनबी प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रथम वर्ष में 45 हजार और द्वितीय वर्ष में 47 हजार रुपये प्रतिमाह की दर निर्धारित है।

रिनपास के डॉक्टरों के मानदेय में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पर कार्रवाई होने के बाद प्रशिक्षणार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, रिनपास में संशोधित मानदेय की अंतिम दर और इसे लागू करने की तिथि की जानकारी स्पष्ट नहीं की गई है।

डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके मान-सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य डॉक्टरों को बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने के साथ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देना है।

उन्होंने कहा कि रिनपास जैसे संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के उपचार में डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता, बेहतर सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मिलेगी मदद
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के अनुसार, सरकार डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मानदेय में वृद्धि से डॉक्टरों को प्रोत्साहन मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा संस्थानों को सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed