शिवराज सिंह चौहान ने जारी किया NMMS का नया संस्करण

श्रमिकों का हक सुरक्षित, गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेश किया पारदर्शी ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल आईआईटी मद्रास की तकनीकी ताकत से लैस हुआ NMMS ऐप; फर्जी हाजिरी पर पूर्ण विराम, 46 करोड़ से अधिक मानवदिवस सृजित- शिवराज सिंह चौहान प्रौद्योगिकी के साथ मानवीय संवेदना: नेटवर्क न होने पर भी…

शिवराज सिंह चौहान ने जारी किया NMMS का नया संस्करण

श्रमिकों का हक सुरक्षित, गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेश किया पारदर्शी ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल

आईआईटी मद्रास की तकनीकी ताकत से लैस हुआ NMMS ऐप; फर्जी हाजिरी पर पूर्ण विराम, 46 करोड़ से अधिक मानवदिवस सृजित- शिवराज सिंह चौहान

प्रौद्योगिकी के साथ मानवीय संवेदना: नेटवर्क न होने पर भी ऑफलाइन उपस्थिति की सुविधा, वास्तविक मजदूरों के हितों की पूरी गारंटी- शिवराज सिंह

किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव: दिसंबर 2027 के लक्ष्य से पहले ही 10.99 करोड़ फार्मर आईडी तैयार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने की घोषणा

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को ग्रामीण धरातल पर साकार करने और जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाया गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी–जी राम जी (VB-G RAM G) के अंतर्गत श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने हेतु राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) के उन्नत-सुरक्षा संस्करण को आज औपचारिक रूप से जारी किया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक ग्रामीण मजदूर को पारदर्शी रूप से रोजगार सुनिश्चित कराना और बिना किसी गड़बड़ी के सरकारी धन का शत-प्रतिशत सही उपयोग करना है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) के तकनीकी सहयोग, एआई आधारित सत्यापन और सुदृढ़ साइबर सुरक्षा से लैस यह नया संस्करण ऐप से छेड़छाड़ और फर्जी हाजिरी पर कड़ा प्रहार करेगा, वहीं नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए ऑफलाइन हाजिरी व मानवीय छूट का भी पुख्ता प्रबंध किया गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल और संयुक्त सचिव श्रीमती रोहिणी आर. भाजीभाकरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में देश में 'विकसित भारत' के साथ-साथ 'विकसित गांव' बनाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। 1 जुलाई 2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में सफलतापूर्वक लागू की गई 'वीबी-जी राम जी' योजना ग्रामीण कामगारों के लिए आपात स्थिति में भी संबल और वरदान सिद्ध हो रही है। योजना की अभूतपूर्व प्रगति का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि महज कुछ महीनों के भीतर देशभर की 2.41 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में 31.23 लाख कार्यस्थलों पर काम संचालित हुआ है। इसके तहत मांग के अनुरूप 2.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों के 3.65 करोड़ से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 46 करोड़ मानवदिवस सृजित किए जा चुके हैं, जिनमें से अकेले फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से लगभग 40 करोड़ मानवदिवस दर्ज किए गए हैं। वित्तीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना में 95,692 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जो राज्यों के अंश को मिलाकर 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। इसमें से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहली किस्त के रूप में 26,126 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी की जा चुकी है।  

फेस ऑथेंटिकेशन से फर्जीवाड़े पर प्रहार और राज्यों में शत-प्रतिशत कवरेज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पूर्व में कार्यस्थलों पर फर्जी हाजिरी और किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मजदूरी उठाने की शिकायतें आती थीं। इन विसंगतियों को जड़ से समाप्त करने के लिए मार्च 2026 में एनएमएमएस ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरे की पहचान) की व्यवस्था जोड़ी गई थी। इसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने में उल्लेखनीय सफलता पाई है। इससे प्रतिरूपण (इम्पपर्सनेशन) और फर्जी प्रविष्टियों की गुंजाइश को न्यूनतम करने में बड़ी सहायता मिली है।  

आईआईटी मद्रास का तकनीकी संबल और उन्नत साइबर सुरक्षा कवच
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साइबर सुरक्षा कोई एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें तकनीकी सेंधमारी के प्रयासों को विफल करने के लिए निरंतर उन्नयन आवश्यक होता है। सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में एक उन्नत सुरक्षा संस्करण जारी करने के बाद, अब मंत्रालय ने प्रतिष्ठित आईआईटी मद्रास (IIT Madras) और संबंधित तकनीकी एजेंसियों के समन्वय से ऐप का आगामी उन्नत संस्करण तैयार किया है। यह संस्करण Google Play Integrity के साथ एकीकृत है, जिसमें डिवाइस-लेवल सुरक्षा जांच, डेटा का सुरक्षित संप्रेषण, क्लोनिंग व छेड़छाड़ के विरुद्ध कड़े सुरक्षा उपाय और 'लाइवनेस डिटेक्शन' शामिल हैं। इससे यह शत-प्रतिशत पुख्ता होता है कि कैमरे के सामने वास्तविक और जीवित श्रमिक ही मौजूद है, कोई डमी या पुरानी तस्वीर नहीं। इसके साथ ही विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए एआई-आधारित फेस सत्यापन में राज्यवार व क्षेत्रवार सुधार भी किए गए हैं।  

 

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