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लाइक-व्यूज के लिए हथियारों का प्रदर्शन, पटना में सोशल मीडिया पर गैंगवार का नया ट्रेंड

पटना  अपराध की दुनिया में अब इंटरनेट मीडिया भी नई जमीन बनता जा रहा है। कभी गलियों और मोहल्लों तक सीमित रहने वाला गैंगवार का दिखावा अब मोबाइल स्क्रीन पर नजर आ रहा है। इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर हथियार लहराते हुए रील बनाना, विरोधियों को खुलेआम धमकी देना और गैंग के नाम पर अपनी पहचान…

लाइक-व्यूज के लिए हथियारों का प्रदर्शन, पटना में सोशल मीडिया पर गैंगवार का नया ट्रेंड

पटना
 अपराध की दुनिया में अब इंटरनेट मीडिया भी नई जमीन बनता जा रहा है। कभी गलियों और मोहल्लों तक सीमित रहने वाला गैंगवार का दिखावा अब मोबाइल स्क्रीन पर नजर आ रहा है।

इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर हथियार लहराते हुए रील बनाना, विरोधियों को खुलेआम धमकी देना और गैंग के नाम पर अपनी पहचान चमकाना युवाओं के बीच चिंता का विषय बन गया है।

लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की चाह में शुरू होने वाला यह दिखावा कई बार वास्तविक विवाद, मारपीट और गोलीबारी तक पहुंच रहा है। पटना में तेजी से उभरते इस चलन को पुलिस ने डिजिटल गैंग कल्चर के रूप में चिह्नित किया है।

युवा ले रहे हथियारों का सहारा
इंटरनेट मीडिया पर खुद को दबंग साबित करने की होड़ में कुछ युवा हथियारों का सहारा ले रहे हैं। कोई पिस्टल के साथ वीडियो बनाता है, तो कोई गैंग के नाम पर चुनौती देता दिखाई देता है। कई मामलों में दूसरे लोगों से हथियार लेकर रील बनाने की बात भी सामने आई है।

शुरुआत में महज दिखावा समझा जाने वाला यह व्यवहार धीरे-धीरे आपसी दुश्मनी और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। साइबर सेल के आकलन में 15 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं के बीच यह प्रवृत्ति तेजी से फैलने की बात सामने आई है।

डिजिटल गैंग का सीधा उदाहरण की बात करें तो महाकाल गैंग से जुड़े मामलों और हथियारों के साथ वीडियो बनाने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर किया है। बीते तीन वर्षों में सामने आए मामलों में कई ऐसे उदाहरण मिले, जिनमें पहले इंटरनेट मीडिया पर धमकी भरे वीडियो प्रसारित हुए और बाद में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

46 प्रतिशत मामले हथियार दिखाकर धमकी देने से जुड़े
जांच में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक वीडियो में 46 प्रतिशत हथियार दिखाकर धमकी देने से जुड़े थे, जबकि 14 प्रतिशत में लूट या झगड़े की लाइव रिकार्डिंग मिली। 33 प्रतिशत वीडियो गैंग के प्रचार या गैंग चैलेंज से संबंधित थे। शेष सात प्रतिशत में गाली-गलौज और उकसाने वाले वीडियो शामिल थे।

ये आंकड़े बताते हैं कि इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि डर और दबदबा कायम करने के लिए भी किया जा रहा है।

2025 में पटना सिटी से फुलवारी तक सामने आईं शिकायतें
स्थान            शिकायतें
पटना सिटी           41
दीदारगंज              32
फुलवारी                 27
नौबतपुर                  22
बिहटा-मसौढ़ी क्षेत्र      18

डिजिटल निगरानी का असर
वर्ष     स्कैन अकाउंट     संदिग्ध     ब्लाक
2023     7,850            310         95
2024     9,470                422     108
2025 (अक्टूबर तक)     10,100     515     132

बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर भी रखें नजर : एसएसपी
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने अभिभावकों से बच्चों की इंटरनेट मीडिया गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि माता-पिता को बच्चों की पढ़ाई के साथ यह भी देखना चाहिए कि वे मोबाइल पर किस तरह की सामग्री देख रहे हैं। किस तरह के लोगों के संपर्क में हैं। रील और लाइक की दुनिया में लोकप्रियता पाने की कोशिश युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकती है।

इंटरनेट मीडिया पर हथियार लहराने, आपत्तिजनक पोस्ट करने, धमकी देने और अन्य ऑनलाइन अपराधों से संबंधित गतिविधियों पर साइबर सेल की नजर रहती है। मामला सामने आने पर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

 

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