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छत्तीसगढ़ के 6 खिलाड़ियों ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, राज्यस्तरीय तीरंदाजी अकादमियों में मिली जगह

रायपुर/सरगुजा. ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन देने की। अदाणी फाउंडेशन की पहल ने इस सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ के छह युवा तीरंदाजों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर दिया है। फाउंडेशन की सीएसआर पहल के तहत…

छत्तीसगढ़ के 6 खिलाड़ियों ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, राज्यस्तरीय तीरंदाजी अकादमियों में मिली जगह

रायपुर/सरगुजा.

ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन देने की। अदाणी फाउंडेशन की पहल ने इस सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ के छह युवा तीरंदाजों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर दिया है।

फाउंडेशन की सीएसआर पहल के तहत संचालित तीरंदाजी प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े छह खिलाड़ियों का राज्य की प्रतिष्ठित तीरंदाजी एवं खेल प्रशिक्षण अकादमियों के लिए चयन हुआ है। महज छह माह के प्रशिक्षण में मिली यह सफलता ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नवंबर 2025 में ग्राम साल्ही से शुरू किए गए इस कार्यक्रम का संचालन एटीएमएसएल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत श्री सर्विसेज द्वारा किया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र के विभिन्न गाँवों के 157 बच्चों ने तीरंदाजी प्रशिक्षण में रुचि दिखाई थी। इनमें से प्रतिभा के आधार पर 15 बच्चों का चयन किया गया, जिनमें आठ बालिकाएँ और सात बालक शामिल थे। चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के साथ आधुनिक खेल उपकरण, तकनीकी प्रशिक्षण और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।

इस प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम कुछ माह पहले रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय चयन परीक्षण में सामने आया। इसमें पाँच खिलाड़ियों का चयन आवासीय तीरंदाजी खेल अकादमी, राज्य तीरंदाजी केंद्र, रायपुर के लिए हुआ। यह केंद्र छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित है। वहीं, एक खिलाड़ी ने लेट बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई, बिलासपुर में स्थान हासिल किया।
चयनित खिलाड़ियों में ग्राम घाटबर्रा की महिमा सिंह, ग्राम साल्ही की अंजलि कुशरो, ग्राम बासेन के दिलेश्वर श्याम, ग्राम हरिहरपुर के अंशु वरकड़े, ग्राम तारा के सत्यम तिर्की और ग्राम फतेहपुर के प्रियांशु विश्वकर्मा शामिल हैं।
छह खिलाड़ियों का प्रतिष्ठित खेल संस्थानों में चयन इस बात का प्रमाण है कि समुचित प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे भी खेल जगत में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। राज्य स्तरीय अकादमियों में चयन से इन खिलाड़ियों को आगे बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

अदाणी फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। बच्चों ने कम समय में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को अवसर और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, महिला सशक्तिकरण, खेल और सामुदायिक बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में विभिन्न पहल के माध्यम से समुदायों के समग्र विकास के लिए कार्य कर रहा है। तीरंदाजी प्रशिक्षण कार्यक्रम की यह उपलब्धि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

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