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छठ महापर्व से पहले पटना में तैयारियां तेज, घाटों पर बैरिकेडिंग से लेकर रोशनी और पार्किंग तक के इंतजाम

 पटना लोक आस्था के महापर्व छठ पर व्रतियों को घाटों तक पहुंचने से लेकर अर्घ्य देने तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम ने 19.34 करोड़ रुपये का खाका तैयार किया है। राजधानी के 231 छठ घाटों को संवारने के लिए काम शुरू करा दिया गया है। घाटों पर बैरिकेडिंग, बालू…

छठ महापर्व से पहले पटना में तैयारियां तेज, घाटों पर बैरिकेडिंग से लेकर रोशनी और पार्किंग तक के इंतजाम

 पटना
लोक आस्था के महापर्व छठ पर व्रतियों को घाटों तक पहुंचने से लेकर अर्घ्य देने तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम ने 19.34 करोड़ रुपये का खाका तैयार किया है। राजधानी के 231 छठ घाटों को संवारने के लिए काम शुरू करा दिया गया है।

घाटों पर बैरिकेडिंग, बालू भराई, रोशनी, पहुंच पथ और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। तालाबों और पार्कों में भी छठ की तैयारी हो रही है। निगम ने 12 से 13 नवंबर तक सभी काम पूरे करने का लक्ष्य रखा है।

28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तैयारियों का जायजा लेने पहुंच सकते हैं। महापौर सीता साहू ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा निगम की प्राथमिकता है।

काम समय पर पूरा हो, इसके लिए सभी छह अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

घाटों पर बैरिकेडिंग, बालू भराई और रोशनी की व्यवस्था
छठ घाटों पर सुरक्षा के लिए साल बल्ले से अस्थायी बैरिकेडिंग की जाएगी। घाटों की सतह पर स्थानीय बालू भरकर उसे समतल बनाया जाएगा। फिसलन और अन्य जोखिमों को कम करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।

घाटों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर रोशनी की व्यवस्था होगी। खतरनाक घाटों और संवेदनशील स्थानों पर कपड़े की घेराबंदी भी की जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बैरिकेडिंग और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।

पहुंच पथ, रैंप और पार्किंग पर भी जोर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों तक जाने वाले पहुंच पथों का निर्माण और मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार अस्थायी रैंप और नालों की व्यवस्था होगी

घाटों के आसपास पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि वाहन खड़े करने में परेशानी नहीं हो। रास्तों की दीवारों, रेलिंग और अंडरपास की सफाई व रंगाई भी कराई जाएगी। जहां जरूरत होगी, वहां सीढ़ियों, पाथवे, नाला कवर और टाइल्स की मरम्मत की जाएगी।

तालाबों का विकास, अस्थायी घाट और चेंजिंग रूम
गंगा घाटों के अलावा पार्कों, मोहल्लों और अन्य स्थानों पर स्थित तालाबों को भी छठ के लिए तैयार किया जाएगा। जरूरत के अनुसार अस्थायी तालाब और घाट बनाए जाएंगे। इन स्थानों पर बैरिकेडिंग, बालू भराई और रोशनी की व्यवस्था होगी।

कुछ पार्कों में चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। घाटों और सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, साफ-सफाई, दीवारों व रेलिंग की रंगाई और संकेतक बोर्ड लगाने जैसे काम भी कराए जाएंगे। उद्देश्य छठ व्रतियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है।

कलेक्ट्रेट घाट पर 1.00 करोड़ से अधिक खर्च
छठ घाटों की तैयारी के लिए सबसे अधिक राशि कलेक्ट्रेट घाट और उससे जुड़े रास्तों व पार्किंग की व्यवस्था पर खर्च होगी। घाट के सुधार, अस्थायी बैरिकेडिंग, बालू भराई और रोशनी के लिए 50.18 लाख रुपये का अनुमान है।

वहीं, पार्किंग स्थल, संपर्क पथ और प्रकाश व्यवस्था पर 50.17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तरह इन दोनों कार्यों पर करीब 1.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बांसघाट पर 49 लाख, महेंद्रू घाट पर 48.67 लाख
बांसघाट पर घाट सुधार, बैरिकेडिंग, बालू भराई, रोशनी और पार्किंग की व्यवस्था के लिए 49.11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। महेंद्रू घाट और उसके पहुंच पथ को तैयार करने पर 48.67 लाख रुपये का अनुमान है।

अन्य घाटों पर भी लाखों रुपये होंगे खर्च
दीघा 93 नंबर घाट पर 34.31 लाख, राजापुर पुल घाट पर 28.79 लाख, 83 नंबर घाट पर 28.31 लाख और 88 नंबर घाट पर 27.69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

जेपी सेतु घाट पर 26.16 लाख, एलसीटी घाट पर 24.89 लाख, कुर्जी घाट पर 24.84 लाख और पहलवान घाट पर 24.72 लाख रुपये खर्च करने की योजना है।

पाटीपुल घाट पर 24.48 लाख, कुर्जी बालूपर घाट पर 22.47 लाख और मीनार घाट पर 22.46 लाख रुपये खर्च होंगे। कुर्जी से विभिन्न घाटों तक पहुंच पथ पर अतिरिक्त रोशनी और पार्किंग के लिए 21.91 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।

 

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