रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच Starlink विवाद फिर गरमाया, मस्क बोले- यूक्रेनी सेना ने शर्तों का उल्लंघन किया

वाशिंगटन : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में पाबंदियां झेलने के बाद सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम स्टारलिंक और इसके मिलिट्री वर्जन स्टारशील्ड की स्पीड फिर से सामान्य हो गई है। एक हफ्ते से ज्यादा समय तक लगी पाबंदियों के कारण यूक्रेन के सैन्य अभियानों में परेशानी आ रही थी। हालांकि, कुछ घंटे बाद ही स्टारलिंक के…

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच Starlink विवाद फिर गरमाया, मस्क बोले- यूक्रेनी सेना ने शर्तों का उल्लंघन किया

वाशिंगटन : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में पाबंदियां झेलने के बाद सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम स्टारलिंक और इसके मिलिट्री वर्जन स्टारशील्ड की स्पीड फिर से सामान्य हो गई है। एक हफ्ते से ज्यादा समय तक लगी पाबंदियों के कारण यूक्रेन के सैन्य अभियानों में परेशानी आ रही थी। हालांकि, कुछ घंटे बाद ही स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क ने यूक्रेनी सेना पर सेवा की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

मस्क ने लगाया ये बड़ा आरोप
वहीं स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने यूक्रेनी सेना पर आरोप लगाया कि उन्होंने स्टारलिंक का इस्तेमाल आक्रामक ड्रोन हमलों के लिए करके शर्तों का उल्लंघन किया है। मस्क ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने लोगों को मारने के लिए आक्रामक ड्रोन ऑपरेशनों में स्टारलिंक का इस्तेमाल किया। एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यूक्रेनी सेना ने स्टारलिंक की सेवा का इस्तेमाल लोगों की जान लेने वाले हमलावर ड्रोन हमलों के लिए किया। उन्होंने कहा कि यह कमी पिछले हफ्ते दूर कर दी गई थी। वहीं, एलन मस्क के इस आरोप पर यूक्रेन के अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई रिएक्स नहीं आया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि स्टारलिंक सिस्टम ने फिर से उस स्पीड से काम करना शुरू कर दिया है, जिसकी यूक्रेन को जरूरत है। इससे पहले, इन सेवाओं की गति को घटाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित कर दिया गया था। इस पाबंदी के कारण रूसी हमलावर ड्रोन को रोकने के प्रयासों में परेशानी आई और यूक्रेन को अपने कुछ सैन्य अभियानों को रद्द करना पड़ा। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक संदेश में कहा कि अब स्टारलिंक और स्टारशील्ड पहले की तरह काम कर रहे हैं। उनकी गति भी उस स्तर पर लौट आई है, जिसकी यूक्रेनी सेना को जरूरत है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि दोनों सेवाओं पर लगी पाबंदियां हटने के बाद उनका संचालन सामान्य हो गया है।

स्टारलिंक यूक्रेनी सेना के लिए मोर्चे पर आपसी संपर्क बनाए रखने का एक अहम साधन है। वहीं, स्टारशील्ड से जुड़े मध्यम दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन ने इस साल कई इलाकों में यूक्रेन को बढ़त हासिल करने में मदद की है। हालांकि, रूस के अंदरूनी इलाकों में लंबी दूरी के ड्रोन हमले करने के लिए यूक्रेन इन प्रणालियों पर निर्भर नहीं है। इनमें रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले भी शामिल हैं। इन पाबंदियों के दौरान रूस की ओर से संभावित मिसाइल हमलों को लेकर सहयोगी देशों से मिलने वाली चेतावनियों पर भी असर पड़ा।

आदेश को लेकर विवाद
स्टारलिंक और स्टारशील्ड पर पाबंदियां लगाने का आदेश किसने दिया, इसे लेकर विवाद बना हुआ है। न तो एलन मस्क और न ही अमेरिकी सरकार ने सार्वजनिक रूप से इसकी जिम्मेदारी ली है। दोनों की ओर से ऐसे संकेत दिए गए कि इन पाबंदियों का आदेश दूसरी तरफ से आया हो सकता है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारशील्ड की सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश व्हाइट हाउस के भीतर से दिया गया था

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब युद्ध को लेकर अमेरिका की नीति पर पहले से ही तनाव बना हुआ है। ये पाबंदियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस से डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा के बाद लगाई गई थीं। इसी दौरान ट्रंप ने यूक्रेन पर रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले रोकने का दबाव भी डाला था।

शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि अगर सैटेलाइट सेवाओं में आ रही दिक्कतें जारी रहती हैं, तो वह उन्हें ठीक करवा देंगे। हालांकि, इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि यह व्यवस्था पूरी तरह ठीक हो चुकी है।

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