,

Ranchi Kali Puja 2026: कुसई में 15 लाख बोतलों से बनेगा पंडाल, 40 लाख रुपये होंगे खर्च

 रांची  झारखंड की राजधानी रांची में काली पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में पूजा समितियां इस बार श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए अनूठे पंडालों का निर्माण करा रही हैं। कहीं काल्पनिक पंडाल में मां काली के दर्शन होंगे, तो कहीं अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर की झलक…

Ranchi Kali Puja 2026: कुसई में 15 लाख बोतलों से बनेगा पंडाल, 40 लाख रुपये होंगे खर्च

 रांची
 झारखंड की राजधानी रांची में काली पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में पूजा समितियां इस बार श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए अनूठे पंडालों का निर्माण करा रही हैं।

कहीं काल्पनिक पंडाल में मां काली के दर्शन होंगे, तो कहीं अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर की झलक देखने को मिलेगी। कुसई कालोनी में 15 लाख प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों से पंडाल बनाने की तैयारी है।

वहीं, निवारणपुर में चंदन नगर की आकर्षक विद्युत सज्जा श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। चुटिया के मकचुंद टोली में कुटिया के स्वरूप में पंडाल बनाकर झारखंड की कला-संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।

कड़रू के कपिलदेव मैदान में काल्पनिक पंडाल के साथ मां काली की प्रतिमा स्थापित होगी। पूजा समितियां धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, मीना बाजार, झूले और भोग वितरण की भी व्यवस्था कर रही हैं।

1. कडरू में काल्पनिक पंडाल में विराजेंगी 16 फीट ऊंची मां काली
कडरू स्थित कपिलदेव मैदान में शक्ति क्लब काली पूजा समिति की ओर से इस वर्ष काल्पनिक पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल में 16 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

मां के दरबार को बंगाली पूजा पद्धति के अनुरूप सजाया जाएगा। समिति की ओर से वर्ष 1987 से लगातार काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है। शुरुआती वर्षों में पूजा पंडाल का स्वरूप और बजट सीमित था, लेकिन समय के साथ आयोजन का विस्तार हुआ है।

समिति के अनुसार, पूजा पंडाल का उद्घाटन आठ नवंबर को किया जाएगा। इसके बाद नौ नवंबर को संगीत कार्यक्रम, 10 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 11 नवंबर को आर्केस्ट्रा का आयोजन होगा।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के मनोरंजन के लिए मीना बाजार भी लगाया जाएगा। यहां खाने-पीने के स्टाल के साथ विभिन्न प्रकार के झूले उपलब्ध रहेंगे। समिति की ओर से पूरे आयोजन पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।

2. लोअर चुटिया में दिखेगा अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर का प्रारूप
लोअर चुटिया स्थित महावीर मंदिर परिसर में नव जागृति संघ काली पूजा समिति की ओर से इस बार अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर के प्रारूप पर आधारित पंडाल बनाया जा रहा है।

इसकी सजावट को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता है। समिति के अध्यक्ष अमन साहू ने बताया कि पंडाल के अंदर कांच और शीशे की नक्काशी की जाएगी। मां काली की 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी और दरबार को स्वर्ण आभूषणों जैसी सजावट दी जाएगी।

समिति वर्ष 1968 से काली पूजा करती आ रही है। इस बार पूजा पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नौ नवंबर से पंडाल परिसर में खीर, खिचड़ी और हलवा-पूड़ी सहित विभिन्न प्रकार के भोग चढ़ाए जाएंगे।

बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस और जंपिंग जैसे झूले भी लगाए जाएंगे। मंदिर के प्रारूप, आकर्षक सजावट और भोग वितरण के कारण यह पंडाल पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहने की उम्मीद है।

3. मकचुंद टोली में कुटिया के स्वरूप में बनेगा पूजा पंडाल
चुटिया के मकचुंद टोली में नवीन यूथ क्लब की ओर से इस वर्ष कुटिया के स्वरूप में भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल की सजावट के माध्यम से श्रद्धालुओं को झारखंड की कला और संस्कृति की झलक दिखाने की तैयारी है।

समिति का उद्देश्य स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को पूजा आयोजन के साथ जोड़ना है। समिति के पदाधिकारी सिद्धार्थ पांडेय ने बताया कि पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे।

इसके साथ ही विशेष विद्युत सज्जा की व्यवस्था की जा रही है। पूजा के दौरान प्रतिदिन भोग का वितरण भी किया जाएगा। समिति इस आयोजन पर करीब नौ लाख रुपये खर्च कर रही है।

4. कुसई में 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों से बनेगा पंडाल
कुसई कालोनी काली पूजा समिति की ओर से इस वर्ष प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों का इस्तेमाल कर पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। समिति के अनुसार, पंडाल के निर्माण में लगभग 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों का उपयोग किया जाएगा।

इसकी खासियत 11 तोरण द्वार होंगे, जिन पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत युद्ध तक की झलक दिखाई जाएगी।
समिति की सचिव मणिभूषण झा ने बताया कि पंडाल में मां काली की 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

समिति इस वर्ष काली पूजा का 42वां आयोजन कर रही है। पांच दिवसीय पूजा के दौरान मीना बाजार भी लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए झूलों और भोग की व्यवस्था रहेगी

आयोजन को भव्य बनाने के लिए करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों से तैयार होने वाला पंडाल इस बार शहर में विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

5. निवारणपुर में चंदन नगर की लाइटिंग से जगमगाएगा पंडाल
अनंतपुर-निवारणपुर काली पूजा कमेटी की ओर से इस वर्ष काल्पनिक पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। यहां मां श्यामा काली की 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

पंडाल परिसर को चंदन नगर की आकर्षक विद्युत सज्जा से रोशन किया जाएगा। समिति पूजा के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी आयोजन का हिस्सा बना रही है।

11 नवंबर को रक्तदान शिविर लगाया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोग रिम्स के मरीजों के लिए रक्तदान करेंगे। बच्चों के लिए चित्रांकन और शंख बजाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। महिलाओं के लिए कैंडल लाइट भोग की व्यवस्था होगी।

इसके अलावा दूसरे दिन खीर, तीसरे दिन हलवा और अंतिम दिन खिचड़ी का भोग वितरित किया जाएगा। समिति के अनुसार, विसर्जन शोभायात्रा 12 नवंबर को शाम चार बजे तपोवन मंदिर मैदान से शुरू होकर बड़ा तालाब की ओर जाएगी। पूरे पूजा आयोजन पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports