,

छात्रों की सहभागिता से होगा समाज और राष्ट्र की समस्याओं का समाधान: परमार

उच्च शिक्षा विभाग ने सात राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए एमओयू, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और मानसिक स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस AI, डेटा साइंस, उभरती प्रौद्योगिकियों, शिक्षक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और उद्यमिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की पहल राष्ट्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता और शैक्षणिक संसाधनों से…

छात्रों की सहभागिता से होगा समाज और राष्ट्र की समस्याओं का समाधान: परमार

उच्च शिक्षा विभाग ने सात राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए एमओयू, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और मानसिक स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस
AI, डेटा साइंस, उभरती प्रौद्योगिकियों, शिक्षक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और उद्यमिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की पहल
राष्ट्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता और शैक्षणिक संसाधनों से विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को मिलेंगे नए अवसर

भोपाल
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा के समृद्ध समावेश के लिए भी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारा ध्येय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्री परमार मंगलवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में उच्च शिक्षा विभाग एवं राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न संस्थानों के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर एवं समन्वय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर, भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) और हार्टफुलनेस संस्थान के साथ एमओयू किए।

राष्ट्रीय संस्थानों की विशेषज्ञता से समृद्ध होगी प्रदेश की उच्च शिक्षा
मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के समक्ष उपस्थित चुनौतियों और समस्याओं के समाधान में सक्षम बनाना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी संस्थानों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करना होगा। राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ यह साझेदारी इसी लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी सहभागी संस्थानों के प्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए इस साझा संकल्प में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल से प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता, उन्नत शैक्षणिक संसाधनों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को नई तकनीकों, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं विकसित करने के अवसर प्राप्त होंगे।

AI, डेटा साइंस और उभरती प्रौद्योगिकियों में दक्षता पर जोर
एमओयू के माध्यम से वर्तमान समय की आवश्यकताओं और तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ प्राध्यापकों के प्रशिक्षण, विद्यार्थियों की व्यावहारिक इंटर्नशिप और क्षमता संवर्धन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके साथ ही वैज्ञानिक अनुसंधान, स्टार्टअप, उद्यमिता और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित कर नवाचार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। डिजाइन शिक्षा, पर्यटन प्रबंधन, STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित) तथा गैर-STEM विषयों में शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा को मिलेगा प्रोत्साहन
इन समझौतों से विद्यार्थियों की दक्षताओं को उद्योग एवं संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने तथा उन्हें रोजगार, अनुसंधान और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग से शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने, प्राध्यापकों की क्षमता विकसित करने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के अवसर मिलेंगे। यह पहल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित, अनुसंधानपरक एवं रोजगारोन्मुख उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विद्यार्थियों के समग्र हित और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र हित विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने उच्च शिक्षा में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी क्षमताओं को निखारने के नए अवसर मिलेंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर तनाव प्रबंधन तक विभिन्न विषयों पर सार्थक कार्य किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास को गति मिलेगी।

आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए पहल के उद्देश्यों और विद्यार्थियों के समग्र हित में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के तनावमुक्त मध्यप्रदेश की अवधारणा पर आधारित रिकॉर्डेड वीडियो संदेश का प्रदर्शन किया गया। एमओयू हस्ताक्षर एवं विनिमय के दौरान सहभागी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक सहयोग और क्षमता संवर्धन के लिए साझा संकल्प को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports