,

ग्वालियर AI सम्मेलन 2.0 का समापन, 40 टीमों ने हैकाथॉन में दिखाए AI आधारित नवाचार

ग्वालियर ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 का सफल समापन; विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के औद्योगिक अनुप्रयोगों, डिजिटल उद्यमिता एवं भविष्य की तकनीकों पर किया मंथन अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 29 एवं 30 अक्टूबर…

ग्वालियर AI सम्मेलन 2.0 का समापन, 40 टीमों ने हैकाथॉन में दिखाए AI आधारित नवाचार

ग्वालियर
ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 का सफल समापन; विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के औद्योगिक अनुप्रयोगों, डिजिटल उद्यमिता एवं भविष्य की तकनीकों पर किया मंथन
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 29 एवं 30 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवीनतम विकास, उसके विभिन्न अनुप्रयोगों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों पर अपने विचार साझा किए। एप्पल, अमेरिका के श्री श्रनिथ लिंगा ने ऑनलाइन माध्यम से “फ्रॉम कैंपस टू प्रोडक्शन: लेसन्स फ्रॉम बिल्डिंग एआई सिस्टम्स इन इंडस्ट्री” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मॉडल लागू करने के लिए केवल बेहतर मॉडल बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आँकड़ों की गुणवत्ता, प्रणाली संरचना, विश्वसनीयता, निगरानी, सुरक्षा और लागत जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मॉडल पूरी प्रणाली का केवल एक हिस्सा होता है तथा वास्तविक समस्याओं को समझना और गुणवत्तापूर्ण आँकड़े तैयार करना औद्योगिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सेवानिवृत्त वन महानिदेशक डॉ. दिलीप कुमार ने “एआई इन फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट इन इंडिया” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत में वन एवं वन्यजीव प्रबंधन के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता, तकनीकी नवाचारों तथा पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण में इसकी संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
भारत-टैप  के निदेशक श्री प्रखर शिवहरे ने “एआई इन ऑनलाइन बिजनेस: फ्रॉम ऑटोमेशन टू रियल ग्रोथ” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने ऑनलाइन व्यवसाय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, बहुभाषी बिक्री प्रणाली, चौबीसों घंटे उपलब्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वॉइस एजेंट, क्यूआर कोड के माध्यम से ग्राहक समीक्षाओं तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से उत्पाद संबंधी जानकारी और बिक्री जैसे व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ऑनलाइन व्यवसायों में स्वचालन के साथ-साथ वास्तविक व्यावसायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिलिप्स इंडिया में बुद्धिमान प्रणालियों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वास्तुशिल्प प्रमुख श्री वैभव शर्मा ने उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, बुद्धिमान प्रणालियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकी समाधानों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका और विभिन्न तकनीकी प्रणालियों में इसके उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

टॉपर्स ग्रेड, ग्वालियर की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण-विधि विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर की पूर्व संकाय सदस्य डॉ. मनीषा शर्मा ने “इंडियन विजडम / एआई / होलिस्टिक ग्रोथ” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय से विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सहायित शिक्षण की अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की आवश्यकताओं एवं कमियों की पहचान, उनके अनुरूप शिक्षण सामग्री और अभ्यास उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों की सक्रिय भूमिका को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता, आत्म-जागरूकता और स्वतंत्र रूप से सीखने की क्षमता विकसित करना भी होना चाहिए।
आइआइटीटीएम निदेशक प्रो. प्रशांत गौतम तथा अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान के डॉ. राहुल कला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. राहुल कला ने “रोबोट मोशन प्लानिंग, रीइन्फोर्समेंट एंड इमिटेशन लर्निंग फॉर रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस व्हीकल्स” विषय पर व्याख्यान देते हुए रोबोटिक्स एवं स्वायत्त वाहनों में रोबोट गति नियोजन, पुनर्बलन अधिगम और अनुकरण अधिगम की भूमिका पर चर्चा की।
सम्मेलन के दूसरे दिन मौखिक शोधपत्र प्रस्तुतियों एवं उत्पाद प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्यों, नवीन विचारों एवं तकनीकी उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस दौरान संवादात्मक प्रदर्शनी भ्रमण के माध्यम से प्रतिभागियों को एक-दूसरे के कार्यों को समझने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।

सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित हैकाथॉन के अंतिम चरण एवं परियोजना प्रदर्शन में कुल 40 टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने नवाचारपूर्ण परियोजना कार्यों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया तथा निर्णायक मंडल के समक्ष अपने विचार और परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम के अंत में समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप कुमार एवं प्रो. प्रशांत गौतम की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर सम्मेलन के सफल आयोजन की सराहना की गई तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर विचार व्यक्त किए गए। समारोह में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ परियोजना पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ हैकाथॉन टीम पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं चाय के साथ हुआ।
ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 ने शिक्षा, अनुसंधान एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जिम्मेदार, विश्वसनीय एवं प्रभावी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और उपयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा का अवसर प्रदान किया। इस सम्मेलन ने शैक्षणिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया।

इस आयोजन के संरक्षक प्रो. एस. एन. सिंह, निदेशक, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर तथा सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. अनुराग श्रीवास्तव रहे। आयोजन अध्यक्षों में डॉ. जीवराज एस., डॉ. यशवंत सिंह पटेल एवं डॉ. रोहित कुमार शामिल रहे।
आयोजन समिति के सदस्यों में प्रो. जॉयदीप धर, प्रो. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. अनुराज सिंह, डॉ. नीरज के. जायसवाल, डॉ. कपिल कांत, डॉ. प्रज्ञा शुक्ला, डॉ. पूर्णेंदु मिश्रा, डॉ. अनुवेदिता सिंह एवं डॉ. प्रबीर बर्मन शामिल रहे।
आयोजकों ने सम्मेलन की सफलता के लिए संस्थान के निदेशक, विभागाध्यक्ष, आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संकाय सदस्यों, सहयोगी संस्थाओं एवं छात्र स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उक्त जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी दीपा सिंह सिसोदिया के द्वारा प्रदान की गयी।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed