,

मधुबनी के ऐतिहासिक महारानी पोखर को मिलेगी नई पहचान, घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण को मंजूरी

 झंझारपुर(मधुबनी)  मधुबनी जिले के झंझारपुर शहर के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक महारानी तालाब के अब आखिरकार दिन बहुरने वाले हैं। वर्षों की उपेक्षा के बाद इस ऐतिहासिक धरोहर के सुंदरीकरण का रास्ता साफ हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने झंझारपुर…

मधुबनी के ऐतिहासिक महारानी पोखर को मिलेगी नई पहचान, घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण को मंजूरी

 झंझारपुर(मधुबनी)
 मधुबनी जिले के झंझारपुर शहर के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक महारानी तालाब के अब आखिरकार दिन बहुरने वाले हैं।

वर्षों की उपेक्षा के बाद इस ऐतिहासिक धरोहर के सुंदरीकरण का रास्ता साफ हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने झंझारपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-01 स्थित महारानी पोखर में भव्य घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए 4 करोड़ 25 लाख 80 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

इस कायाकल्प के बाद लोगों को शहर के बीच एक बेहतरीन पर्यटन स्थल उपलब्ध हो जाएगा।

दरभंगा राज परिवार से गहरा नाता
झंझारपुर के इस ऐतिहासिक महारानी तालाब का सीधा संबंध मिथिला के प्रसिद्ध दरभंगा राज (खंडवाला राजवंश) के इतिहास और उनकी शाही परंपराओं से जुड़ा है।

मिथिलांचल के प्राचीन जल प्रबंधन और धार्मिक संस्कृति में इस तालाब का बहुत बड़ा और गौरवशाली स्थान है। इतिहास के पन्नों के अनुसार, इस क्षेत्र में तालाबों और पोखरों का निर्माण कराना दरभंगा राज के राजाओं और रानियों की शाही परंपरा का हिस्सा रहा है।

माना जाता है कि इस ऐतिहासिक तालाब का नामकरण और महत्व दरभंगा राज से जुड़ी महारानी के दौरों और प्रभाव से जुड़ा है, जो इस धरोहर को ऐतिहासिक रूप से बेहद खास बनाता है।

ऐतिहासिक कदम
नगरवासियों की धार्मिक आस्था से जुड़े इस ऐतिहासिक तालाब के उद्धार की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया। स्थानीय विधायक सह नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के विशेष प्रयासों से इस बहुप्रतीक्षित योजना को हरी झंडी मिलने के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।

पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकसित
प्रस्तावित योजना के तहत महारानी पोखर में आधुनिक तरीके से नए घाटों और सीढ़ियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही तालाब का चहुंओर सौंदर्यीकरण होगा और लाइटिंग की व्यवस्था से पूरा परिसर जगमग उठेगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव शाहिद परवेज द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नगर परिषद झंझारपुर द्वारा ई-टेंडरिंग के माध्यम से जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इसकी पूरी निगरानी की जिम्मेदारी मधुबनी के जिला पदाधिकारी को सौंपी गई है।

छठ व्रतियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
महारानी तालाब महज एक जलाशय नहीं, बल्कि झंझारपुर की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। यहां हर साल छठ महापर्व के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।

घाटों के निर्माण और परिसर के विकसित होने से न केवल व्रतियों को भारी सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर के लोगों को टहलने और घूमने के लिए एक शानदार पर्यटन स्थल भी मिल जाएगा।

अब नगरवासियों को फाइलों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धरातल पर तेजी से काम शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports