,

झारखंड में रांची के विकास की नई तैयारी, 258 गांवों को लेकर बनेगा संशोधित मास्टर प्लान

 रांची  राजधानी के अनियोजित विस्तार और भवन निर्माण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए रांची मास्टर प्लान 2015-2037 में व्यापक बदलाव की तैयारी है। नगर विकास एवं आवास विभाग इस बार शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी नियोजित विकास के दायरे में लाने की योजना बना रहा है। इसके तहत…

झारखंड में रांची के विकास की नई तैयारी, 258 गांवों को लेकर बनेगा संशोधित मास्टर प्लान

 रांची
 राजधानी के अनियोजित विस्तार और भवन निर्माण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए रांची मास्टर प्लान 2015-2037 में व्यापक बदलाव की तैयारी है। नगर विकास एवं आवास विभाग इस बार शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी नियोजित विकास के दायरे में लाने की योजना बना रहा है।

इसके तहत रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) के 12 से 15 किलोमीटर दायरे में छूटे हुए 148 गांवों को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। साथ ही जमीन के उपयोग (लैंड यूज) में बदलाव का विकल्प भी दिया जा सकता है।

संशोधित मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग दिवाली से पहले इसके लिए निविदा जारी करने की तैयारी में है। वर्तमान मास्टर प्लान की सबसे बड़ी कमी यह है कि आरआरडीए क्षेत्र के सभी गांव इसमें शामिल नहीं हैं।

आरआरडीए के अधीन कुल 258 गांव हैं, लेकिन 2015-2037 के मास्टर प्लान में केवल 110 गांवों को जगह मिली है। शेष 148 गांव नियोजित विकास की रूपरेखा से बाहर हैं। इनमें रांची रिंग रोड के आसपास तेजी से विकसित हो रहे गांव भी शामिल हैं।

नतीजा यह है कि इन इलाकों में भवन निर्माण और नक्शा स्वीकृति की एक समान व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर नक्शे जिला परिषद से स्वीकृत कराए जाते हैं। इससे निर्माण कार्यों में नियोजन संबंधी स्पष्टता का अभाव रहता है।

संशोधन के बाद इन गांवों को भी मास्टर प्लान में शामिल करने से आरआरडीए क्षेत्र में विकास और भवन निर्माण के लिए एकीकृत व्यवस्था बनाने का रास्ता खुलेगा।

जमीन के उपयोग में बदलाव का रास्ता खुलेगा
नए मास्टर प्लान में भूमि उपयोग की मौजूदा श्रेणियों को भी व्यावहारिक बनाने की तैयारी है। वर्तमान व्यवस्था में किसी भूखंड को आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी में चिह्नित किए जाने के बाद उसका उपयोग बदलना आसान नहीं है।

जबकि समय के साथ कई इलाकों का स्वरूप बदल चुका है। आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं तो कई व्यावसायिक इलाकों में आवासीय जरूरतें भी विकसित हुई हैं। ऐसे में जमीन की स्थिति, आसपास के विकास, सड़क संपर्क और क्षेत्र की जरूरतों के आधार पर लैंड यूज बदलने का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है।

इसके तहत आवासीय जमीन को व्यावसायिक और व्यावसायिक जमीन को आवासीय उपयोग में बदलने का प्रावधान हो सकता है। इसके लिए निर्धारित मानक और स्वीकृति की प्रक्रिया तय की जाएगी।

पुराने मास्टर प्लान की खामियां होंगी दूर
मौजूदा मास्टर प्लान में प्रस्तावित सड़कों की चौड़ाई, राजस्व नक्शे, प्लाट संख्या और वास्तविक भौगोलिक स्थिति के बीच कई जगह विसंगतियां सामने आई हैं। कुछ भूखंडों पर प्रस्तावित सड़क के कारण भवन निर्माण में परेशानी होती है, वहीं नक्शों में दर्ज जलस्रोतों और वास्तविक स्थिति में अंतर की शिकायतें भी रही हैं।

इन विसंगतियों के कारण जमीन मालिकों को नक्शा पास कराने और निर्माण की योजना बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संशोधित मास्टर प्लान में इन व्यावहारिक समस्याओं को दूर कर जमीन के वास्तविक स्वरूप और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नियोजन करने की चुनौती होगी।

कंसल्टेंट एजेंसी के चयन के बाद विभाग विभिन्न स्टेकहोल्डरों, स्थानीय निकायों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विशेषज्ञों के साथ रायशुमारी करेगा। उनके सुझावों के आधार पर संशोधित मास्टर प्लान तैयार होगा।

इस बार कोशिश होगी कि रांची के शहरी और ग्रामीण विस्तार, सड़क नेटवर्क, आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों तथा आधारभूत सुविधाओं को एक ही विकास योजना में शामिल किया जाए।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports