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डॉ. मोहन भागवत सहित 400 पदाधिकारी इंदौर में जुटे, संघ के विस्तार पर चर्चा

इंदौर  इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक का बुधवार को समापन होगा। डेली कॉलेज के संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में 2 नवंबर से चल रही इस बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व सहित देशभर से करीब 400 प्रांत संघचालक शामिल होंगे। . सरसंघचालक डॉ.…

डॉ. मोहन भागवत सहित 400 पदाधिकारी इंदौर में जुटे, संघ के विस्तार पर चर्चा

इंदौर 

इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक का बुधवार को समापन होगा। डेली कॉलेज के संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में 2 नवंबर से चल रही इस बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व सहित देशभर से करीब 400 प्रांत संघचालक शामिल होंगे। .

सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में हुई इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ संगठन के आगामी विस्तार और सामाजिक विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

संघ की 100 साल की यात्रा के बाद संगठन की भावी दिशा के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें शताब्दी वर्ष के दौरान विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक देशभर में आयोजित कार्यक्रमों, समाज के विभिन्न वर्गों तक संघ की पहुंच और इन गतिविधियों के आगे के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

इसके साथ ही युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, Gen-Z के बदलते रुझान, शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती की भूमिका और विदेशों में संघ के कार्य के विस्तार जैसे विषय भी विमर्श के केंद्र में रहे।

पंच परिवर्तन को समाज के व्यवहार में उतारने पर जोर
बैठक के प्रमुख विषयों में पंच परिवर्तन शामिल रहा। संघ की ओर से समाज जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए निर्धारित इन पांच विषयों को अधिक प्रभावी तरीके से लोगों के व्यवहार में उतारने पर चर्चा की गई।

इसके लिए शताब्दी वर्ष में हुए कार्यक्रमों की समीक्षा और आगे उनके अनुवर्तन की कार्ययोजना पर विचार किया गया। संघ का जोर इन विषयों को केवल कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक जीवन में नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाने पर है।

शाखाओं के विस्तार और मजबूती की समीक्षा
शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में स्वयंसेवकों ने शाखाओं के विस्तार के लिए काम किया। बैठक में इस काम की समीक्षा की गई। जिन स्थानों पर नई शाखाएं शुरू हुई हैं, उन्हें नियमित और अधिक प्रभावी बनाने के साथ शाखाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा देश के अधिक से अधिक स्थानों पर शाखाएं शुरू करने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने के विषय पर भी विचार किया गया। बैठक में संघ के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

इनमें क्षेत्र संघचालक, क्षेत्र कार्यवाह, क्षेत्र प्रचारक, प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह और प्रांत प्रचारक सहित उनके सहयोगी कार्यकर्ता मौजूद रहे। संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्री भी आमंत्रित किए गए थे।

युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और Gen-Z के रुझान पर मंथन
इस बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू बदलते सामाजिक परिवेश और नई पीढ़ी से जुड़े विषय रहे। युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और Gen-Z के बदलते रुझानों को लेकर भी चर्चा एजेंडे में शामिल रही।

साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती की भूमिका और समाज के बीच शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के विषय पर विचार किया गया।

विदेशों में संघ के कार्य के विस्तार और वहां संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दे भी बैठक के विमर्श में शामिल रहे। इन विषयों का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि संघ अपने शताब्दी वर्ष के दौरान संगठनात्मक विस्तार के साथ समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने पर जोर दे रहा है।

तीन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर सरकार्यवाह के वक्तव्य
बैठक में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से तीन ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन और योगदान पर वक्तव्य जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई थी।

इनमें राष्ट्रीय चेतना के पुरोधा श्री राजनारायण बोस की 200वीं जयंती, शुद्धिकरण आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्व स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100वें वर्ष और ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र में जनजातीय समाज के बीच कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्म के 100वें वर्ष से जुड़े विषय शामिल हैं।

इन तीनों व्यक्तित्वों के योगदान को समाज के सामने रखने और उनके विचारों से नई पीढ़ी को परिचित कराने के संदर्भ में वक्तव्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संघ के 100 साल की यात्रा पर प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र
बैठक स्थल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा और मालवा क्षेत्र में संघ कार्य के क्रमिक विकास को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने 31 अक्टूबर को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था।

बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को भी इसे देखने का अवसर दिया गया। प्रदर्शनी में संघ की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा, संगठन के विस्तार और मालवा क्षेत्र में हुए कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

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