परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और गड़बड़ी मुक्त बनाने पर योगी सरकार का जोर, हाईस्कूल और इंटर की ए व बी कॉपियों के रंग भी होंगे अलग
उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में बदलाव, क्यूआर कोड स्कैन करने पर दिखाई देगा माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो
मेरठ में करीब 1.21 लाख परीक्षार्थियों के लिए तैयारियां शुरू
मेरठ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में यूपी बोर्ड ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं का स्वरूप बदलने का निर्णय लिया है। अब परीक्षार्थियों को अलग-अलग कवर वाली कॉपियों के बजाय एक मुख्य कवर वाली उत्तर पुस्तिकाएं मिलेंगी। इस मुख्य कवर पर क्यूआर कोड दर्ज होगा, जिसे स्कैन करने पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो दिखाई देगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है। मेरठ में इस बार करीब 1.21 लाख परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।
ए और बी कॉपियों के रंग भी होंगे अलग
बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के रंग भी निर्धारित कर दिए हैं। हाईस्कूल की ए कॉपी गहरे नारंगी और बी कॉपी गहरे नीले रंग की होगी। वहीं, इंटरमीडिएट की ए कॉपी बैंगनी और बी कॉपी हरे रंग की होगी। दोनों कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं पर एक समान मुख्य कवर और क्यूआर कोड रहेगा। रंगों के अलग-अलग निर्धारण से कॉपियों की पहचान और उनके वितरण में आसानी होगी। साथ ही, उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में एकरूपता भी सुनिश्चित की जाएगी।
सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित रहेंगी कॉपियां
उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। कॉपियों को 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी वाले सुरक्षित कक्ष में रखा जाएगा। उनके बंडलों के सीरियल नंबर का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इससे उत्तर पुस्तिकाओं के भंडारण, वितरण और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सकेगी। नई व्यवस्था में तकनीकी पहचान के साथ भौतिक सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है।
पांच से 24 फरवरी तक प्रस्तावित हैं परीक्षाएं
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 5 से 24 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित हैं। पिछले वर्ष जिले में 154 परीक्षा केंद्रों पर करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें हाईस्कूल के लगभग 60 हजार और इंटरमीडिएट के करीब 61 हजार परीक्षार्थी शामिल थे। इस बार भी परीक्षार्थियों की संख्या लगभग इसी स्तर पर रहने की संभावना है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता तक की तैयारियां की जा रही हैं।
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार होगी व्यवस्था
जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रकाश शुक्ल के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं का प्रारूप और उनका निर्धारण बोर्ड स्तर से किया जाता है। नए दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद जिले में उसी के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। परीक्षा से संबंधित सभी तैयारियां बोर्ड के निर्देशों के अनुसार पूरी कराई जाएंगी।
















