कलकत्ता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 152 सीटों पर 1478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. पहले फेज में मतदाओं का उत्साह देखने के लायक था और वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं. आजादी के बाद पहली बार है कि बंगाल में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है. इसे लेकर सियासी दल अपने नफे-नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
बंगाल में पहले फेज की 152 सीटों पर 92.88 फीसदी मतदान रहा. अगर यही पैटर्न दूसरे चरण की 142 सीटों पर रहा, तो यह पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा वोटिंग टर्नआउट होगा. हालांकि, 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव 8 चरणों में हुए थे।
2021 के विधानसभा चुनाव में इन 152 सीटों पर 83.2 फीसदी मतदान रहा था जबकि 2026 के विधानसभा चुनाव 92.88 फीसदी वोटिंग हुई. इस लिहाज से 10 फीसदी ज्यादा मतदान हुआ है. ऐसे में वोटिंग पैटर्न कहता है कि पिछले चुनाव से बढ़ी वोटिंग ने राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी है. ऐसे में सवाल है कि 10 फीसदी ज्यादा वोटिंग बीजेपी या फिर ममता बनर्जी किसे खाते में जाएगी?
पहले चरण की सीटों पर वोटिंग के टूटे रिकॉर्ड
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 सीटों पर गुरुवार को वोटिंग हुई, जिसमें 92.88 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. बंगाल में पुरुष की तुलना में महिला मतदाताओं की भागीदारी ज़्यादा रही. महिला मतदान प्रतिशत 92.69 फीसदी रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान 90.92 प्रतिशत था. तीसरे लिंग के मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 56.79 प्रतिशत रहा।
आजादी के बाद बंगाल में पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डाले हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के पहले चरण और तमिलनाडु में वोटिंग संपन्न होने के बाद बयान जारी कर मताधिकार का प्रयोग करने वाले वोटरों और उनके जज्बे को सलाम किया. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ये वोटिंग का सबसे ऊंचा ग्राफ है।
बंगाल में इतनी ज्यादा संख्या में मतदान कभी भी नहीं हुआ है. साल 2006 से लेकर अभी तक जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, उसमें 80 फीसदी से ज्यादा ही वोटिंग रही है. हालांकि, इस बार वोटिंग पैटर्न 90 फीसदी की सीमा को भी पार कर गया है, जिसके पीछे मुख्य वजह एसआईआर प्रक्रिया को मानी जा रही है. बंगाल में हुई एसआईआर प्रकिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के वोट काटे गए हैं, जिसके लिए लोग इस बार मतदान न करके जोखिम नहीं लेना चाहते. यही वजह है कि इस बार बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से निकलकर मतदान करने पहुंचे थे।
किसके पक्ष में जाएगा बढ़ा 10 फीसदी वोट
पश्चिम बंगाल में गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग हुई, जिनमें 12 जिलों में मतदान प्रतिशत 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा रहा. इनमें भी सबसे ज्यादा वोटिंग दक्षिण दिनाजपुर में हुई, जहां 94.4 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले. दक्षिण दिनाजपुर में हर 100 में से लगभग 95 वोटर्स मतदान केंद्रों पर अपना वोट डालने आए. दक्षिण दिनाजपुर में कुल 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जहां मुसलमानों की आबादी लगभग 25 प्रतिशत है और हिंदुओं की आबादी 73.5 प्रतिशत है. इस तरह हिंदू बहुल इलाके की सीटों पर जबरदस्त मतदान दिखा।
दक्षिण दिनाजपुर के बाद कूचबिहार जिले में 94 प्रतिशत मतदान हुआ है, बीरभूम में 93.2 प्रतिशत, जलपाईगुड़ी में 92.7 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद ज़िले में भी लगभग 93 प्रतिशत मतदान हुआ है. मुर्शिदाबाद में पश्चिम बंगाल की 22 विधानसभा सीटें आती हैं. इस जिले में हिन्दू अल्पसंख्यक हैं. यहां मुसलमानों की आबादी 65 प्रतिशत से ज्यादा है जबकि हिन्दुओं की आबादी सिर्फ 33 प्रतिशत है. हालांकि, पश्चिम बंगाल के पहले चरण में जो वोटिंग बढ़ी है, वो किसी एक इलाके में नहीं बल्कि हिंदू और मुस्लिम दोनों ही बेल्ट में देखने को मिल रही है।
पहले चरण में यह वही इलाका है, जहां पर मुस्लिम वोटर बड़ी संख्या में हैं और घुसपैठ का मुद्दा भी काफी हावी रहा.इसके अलावा वोटिंग में बढोत्तरी में एसआईआर (SIR) को भी अहम वजह माना जा रहा है.अब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी इस जिले में सबसे मजबूत थी, लेकिन अब हुमायूं कबीर चुनौती बन गए हैं. वहीं, बीजेपी ने इस इलाके में घुसपैठ का मुद्दा उठाया था, जिसके चलते भी ध्रुवीकरण हुआ है
बीजेपी और टीएमसी किसे मिलेगा सियासी लाभ
विधानसभा चुनाव 2021 में बीजेपी ने पहले चरण की 152 में से 59 सीटें जीती थीं, जबकि दूसरे चरण की 142 सीटों में वह केवल 18 पर सिमट गई थी.ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस 2021 में उसने पहले चरण की 152 में से 92 सीटें जीती थीं, जबकि दूसरे चरण में 142 में से 123 सीटों पर कब्जा जमाया था।
2011 से 2024 तक के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें, तो पहले चरण की इन 152 सीटों पर बीजेपी का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है. 2011 में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. 2016 में यह आंकड़ा सिर्फ 3 तक पहुंचा. लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर बीजेपी ने 86 पर बढ़त बनाई. 2021 विधानसभा चुनाव में 59 सीटें जीतीं. इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव में 64 सीटों पर आगे रही।
पीएम मोदी और अमित शाह की अगुवाई में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत इस चरण में झोंक दी है. हालांकि, TMC के लिए भी यह इलाका किसी दुर्ग से कम नहीं है. 2011 में उसने 68 सीटें जीतीं, 2016 में 86 सीटों पर कब्जा किया था जबकि 2021 में 92 सीटों पर पहुंच गई थी. 2019 लोकसभा चुनाव में 57 सीटों पर टीएमसी को बढ़त बनाई. TMC ने 2021 में 92 सीटें जीतकर बड़ा संदेश दिया और 2024 लोकसभा चुनाव में 76 सीटों पर आगे रही. TMC के लिए यह चरण परंपरागत तौर पर मजबूत रहा है, हालांकि 2019 में उसे झटका भी लगा था।
पहले चरण की सीटों में मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिले अहम हैं, जहां 50 से 66 फीसदी तक मुस्लिम हैं. इन तीन जिलों की 43 सीटों में से पिछली बार TMC ने 35 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को 8 सीटें मिली थीं. इस बार बीजेपी को हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण पर भरोसा है और ममता बनर्जी की बढ़त को चुनौती देने की थी।
पश्चिम बंगाल का क्या कहता है वोटिंग पैटर्न
आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल की सियासत में तीन बार सत्ता परिवर्तन हुए हैं, जिसमें 1952 से लेकर 1977 तक कांग्रेस का दबदबा रहा. 1977 में लेफ्ट ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर पहली बार बंगाल में सरकार बनाई थी. 1977 में 56.15 फीसदी मतदान हुआ था जबकि 1972 के चुनाव में हुए 60.80 फीसदी मतदान की तुलना में 4 फीसदी कम रहा।
बंगाल में दूसरी बार सत्ता परिवर्तन 2011 में हुआ जब ममता बनर्जी ने लेफ्ट को सत्ता से बाहर करने में सफल रही थी. 2006 के चुनाव में 81.58 फीसदी मतदान रहा जबकि 2011 में 84.72 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस तरह से बंगाल में तीन फीसदी ज्यादा वोटिंग ने लेफ्ट को सत्ता से बाहर कर दिया था और ममता ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आईं थी।
2016 के विधानसभा चुनाव में 83.02 फीसदी मतदान रहा और 2021 के विधानसभा चुनाव में 82.30 फीसदी वोटिंग रही. इन तरह दोनों विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौंटी थी. ये वोटिंग पैटर्न बता रहा है कि ममता राज में टीएमसी को वोटिंग प्रतिशत घटने का लाभ मिला, लेकिन इस बार 10 फीसदी वोटिंग के बढ़ने का लाभ क्या ममता बनर्जी को मिलेगा या फिर बीजेपी के लिए मुफीद होगा?
बंगाल में वोटिंग फीसदी बढ़ने के कारण
पश्चिम बंगाल के पहले चरण में में मत प्रतिशत बढ़ने के अलग-अलग कारणों में से एक कारण एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न) को भी माना जा रहा है. एसआईआर प्रक्रिया के दौरान काफी वोटर्स मृत, डिस्प्लेस और नॉन एग्ज़िस्टिंग वोटर्स की वजह से काटे गए. ऐसे में जहां मत घटा, तो मत प्रतिशत बढ़ा है।
एसआईआर की वजह से लोग अलर्ट हुए, जिसने मतदाताओं को बूथ तक जाने के लिए मजबूर किया. एसआईआर प्रक्रिया के बीच नागरिकता (CAA/NRC) और वोटर लिस्ट से नाम कटने की चर्चाओं के बीच, आम जनता में यह संदेश गया कि वोट डालना उनकी पहचान और नागरिकता साबित करने का सबसे बड़ा जरिया है।
एसआईआर प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में लोग बंगाल आए हैं, विभिन्न राज्यों में प्रवास करने वाले मतदाताओं भी बड़ी संख्या में पहुंचकर वोटिंग किए हैं. बंगाल में महिला वोटर बड़ी संख्या में घर से निकलकर बूथ तक गईं हैं, जिनकी संख्या पुरुषों की तुलना में काफी ज्यादा रही।
बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर ने दोनों पक्षों के कैडरों को जमीन पर बेहद सक्रिय कर दिया. ‘करो या मरो’ की इस लड़ाई में मतदाताओं को बूथ तक लाने के लिए जबरदस्त लामबंदी की गई. इस बार दोनों ही पार्टियां अपने-अपने वोटों को बूथ तक ले जाने में पूरी ताकत लगा दी है. इसके चलते भी वोटिंग बढ़ी है।
वोटिंग बढ़ने के दूसरा कारण ये भी है कि चुनाव आयोग ने बंगाल में इस बार बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल लगाए हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग बिना डरे वोट डालने के लिए पहुंचे हैं. ऐसे में बढ़ी वोटिंग फीसदी किसका खेल बनाएगी और किसका बिगाड़ेगी, ये तो 4 मई को ही पता चलेगा, लेकिन बड़ी संख्या में वोटर बूथ तक पहुंचकर वोटिंग कर रहे हैं।
बंगाल में 10% बढ़ा मतदान, 3 करोड़ से ज्यादा वोटर्स की बंपर वोटिंग: ममता या BJP को मिलेगा फायदा?
कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 152 सीटों पर 1478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. पहले फेज में मतदाओं का उत्साह देखने के लायक था और वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं. आजादी के बाद पहली बार है कि बंगाल में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ…

Previous Post
Next Post
Latest News

Stay Connected
Categories
featured top-news Uncategorized इंदौर उत्तर प्रदेश खेल ग्वालियर छत्तीसगढ़ जबलपुर देश धर्म ज्योतिष पंजाब बिलासपुर बिहार/झारखण्ड बिज़नेस भोपाल मध्य प्रदेश मनोरंजन राजनीतिक राजस्थान राज्य रायपुर लाइफस्टाइल विदेश हरियाणा
Tags
8th Pay Commission Accident Astrology Bhagwant Mann BJP CM Sai CM yogi Controversy court featured fifa FIFA World Cup Gold-Silver High Court hydrogen train india jobs lpg modi Mohan Monsoon PM Modi police Punjab Railway rain Ram Mandir Rashifal Recipe school SIR Stock Market Supreme Court TMC top-news train Trump ucc Vaibhav Suryavanshi vastu tips vishnu Vishnu Deo Sai Weather yogi Yogi government
About the Author

GoodDoo News
Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed












