भोपाल.
अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा मध्यप्रदेश, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह शोध संस्था तथा गोंड महासभा के तत्वावधान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा का आयोजन भोपाल के जम्बूरी मैदान पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव होंगे। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, मंत्री प्रहलाद पटेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल एवं पूर्व विधायक एवं युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रध्युम्न सिंह लोधी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में इस वृहद आयोजन की जानकारी दी। जालम सिंह पटेल ने कहा कि यह आयोजन इतिहास की अनदेखी का शिकार उन क्रांतिवीर राजाओं और जनजातीय योद्धाओं के स्मरण का महापर्व है जिनके बलिदान से आजादी की नींव रखी जा सकी लेकिन उनके योगदान को इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों ने गुमनाम बना दिया। 1857 में देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम से पहले ही 1842 में पिछड़े, दलित और आदिवासी राजाओं ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था। इस विद्रोह का नेतृत्व हीरापुर के बहादुर नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी ने किया, बड़ी संख्या में बुंदेला राजा और योद्धा इस संघर्ष में जुड़ते गए। गोंड और राजगोंड राजाओं ने भी इस विद्रोह में अंग्रेजों के हौसले को पस्त किया। करीब दो साल चला यह संघर्ष आपसी दगाबाजी तथा प्रमुख राजाओं और उनके परिजनों को फांसी दिए जाने से कमजोर पड़ गया। अंग्रेजों के खिलाफ यह पहला सशस्त्र विद्रोह था लेकिन इतिहासकारों ने इसे स्वतंत्रता आंदोलन का गौरव नहीं बनने दिया।
जालम सिंह पटेल ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत ने देश में जमीनों को हड़पने के लिए तीन काले कानून बनाकर लागू किए थे। किसानों से उनकी आय का 6 से 30 गुना तक लगान वसूला जाने लगा था, जमीन को सिकमी पर देने के लिए भी रोक लगा दी गई थी इस कानून का उल्लंघन करने पर जमीन राजसात कर ली जाती थी, मृत्यु के बाद जमीन का नामांतरण बंद कर दिया गया था और जमीन राजसात की जाने लगी थी। 1834 में 5 साल के लिए लाए गए कानून को बाद में 20 साल के लिए बढ़ा दिया गया इन कानूनों ने साधारण किसानों के साथ जमीदारों और राजाओं के लिए भी अपनी जमीन बचाना मुश्किल कर दिया था। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी ने इन कानूनों के खिलाफ दलित, पिछड़े और आदिवासी राजाओं को एकजुट कर क्रांति का शंखनाद किया। अंग्रेजों की फौज ने नर्मदा टाइगर के नाम से विख्यात नर्मदा टाईगर हिरदेशाह की गिरफ्तारी पर दस हजार का इनाम घोषित था। बड़े इनाम के लालच में शाहगढ़ के बखतबली बुंदेला ने दिसंबर 1843 को उन्हें धोखे से गिरफ्तार करा दिया। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह को नौ महीने तक चुनार जेल में रखा गया। 1857 के विद्रोह में उनके भाई गजराज सिंह लोधी को फांसी की सजा दी गई। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह 28 अप्रैल 1858 को शहीद हुए।
बुंदेला विद्रोह में गोंड राजा डेलन शाह ने बड़ी कुर्बानी दी। डेलन शाह को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने 2000 रुपए इनाम घोषित किया था। डेलन शाह को पकड़ पाने में नाकाम अंग्रेजों की फौज ने उनके परिवार पर कहर बरपाया। 17 जनवरी 1858 को डेलन शाह के 16 परिवार सदस्यों और साथियों को एक साथ फांसी दे दी गई इसमें उनका पांच साल का पोता भी शामिल था। इसी दिन डेलन शाह के चार अन्य परिजनों को गोली मारी गई। डेलन शाह इस अन्याय से टूट गये और गिरफ्तार कर लिए गए। इन्हें 16 मई 1858 को फांसी दी गई। मदनपुर के गोंड राजा नरवर शाह पर एक हजार इनाम घोषित था, इनकी जेल में रहते मौत हुई। मधुकर शाह बुंदेला को फरवरी 1844 में नरहट सागर में फांसी दी गई। दीवान गजराज सिंह को 29 नवंबर 1857 को चडालगढ़ जबलपुर में फांसी दी गई। अंग्रेजों ने अनेक वीरों पर भारी भरकम इनाम घोषित किया था, सावंत सिंह पर 5000 का इनाम, चंद्रपुर के दीवान जवाहर सिंह पर 10000, राजा पारीक्षत जैतपुर पर 10000, दीवान बहादुर सिंह, गणेश जू, सागर के लक्ष्मण सिंह, पहलवान सिंह पर पांच-पांच शहर का इनाम घोषित किया गया गोकुल सिंह, दरियाव सिंह, पंचम सिंह और गणेश जू पर 3000 आदमपुर के शाह पर ₹2000 के नाम घोषित थे। इन वीरों का नाम अमर है लेकिन इतिहास इनका उल्लेख नहीं करता। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी शोध संस्था द्वारा अब लगातार ऐतिहासिक तथ्यों को एकत्रित कर देश के सामने लाया जा रहा है।
कार्यक्रम में दीदी उमा भारती (पूर्व मुख्यमंत्री), धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी (राज्यमंत्री), राहुल सिंह (सांसद), विपिन कुमार वर्मा डेविड (विधायक), कमलेश प्रताप शाह (विधायक), प्रेम शंकर वर्मा (विधायक), प्रहलाद सिंह लोधी (विधायक), प्रीतम सिंह लोधी (विधायक), नीरज सिंह लोधी (विधायक), वीरेन्द्र सिंह लोधी (विधायक), अनुभा मुंजारे (विधायक), दीदी रामसिया भारती (विधायक), राजकुमार कर्राहे (विधायक), राजा कौशलेन्द्र सिंह जूदेव लोधी (वंशज, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी), ठाकुर राम कुमार सिंह (वंशज, गोंड राजा नरवर शाह) शामिल होंगे। अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एटा उत्तर प्रदेश के विधायक विपिन वर्मा डेविड कार्यक्रम में हिस्सा लेने विशेष रूप से भोपाल आ रहे हैं। आजादी की लड़ाई के इन महानायकों को श्रृद्धा सुमन अर्पित करने प्रदेश भर के लोधी समाज और गोंड समाज के लोग बड़ी संख्या में भोपाल आएंगे। देश के अनेक हिस्सों से समाज के प्रतिनिधि भोपाल के शौर्य समागम में हिस्सा लेंगे।
क्रांतिवीर राजाओं और जनजातीय योद्धाओं के स्मरण का महापर्व है शौर्य यात्रा
भोपाल. अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा मध्यप्रदेश, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह शोध संस्था तथा गोंड महासभा के तत्वावधान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा का आयोजन भोपाल के जम्बूरी मैदान पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन…

Previous Post
Next Post
Latest News

Stay Connected
Categories
featured top-news Uncategorized इंदौर उत्तर प्रदेश खेल ग्वालियर छत्तीसगढ़ जबलपुर देश धर्म ज्योतिष पंजाब बिलासपुर बिहार/झारखण्ड बिज़नेस भोपाल मध्य प्रदेश मनोरंजन राजनीतिक राजस्थान राज्य रायपुर लाइफस्टाइल विदेश हरियाणा
Tags
8th Pay Commission Accident arun Astrology Bhagwant Mann BJP Bulldozer Action CM Sai CM yogi Controversy court featured Fertilizer FIFA World Cup gold Gold-Silver Heatwave india ipl jobs lpg modi Mohan Monsoon Panchayat Election patel police Railway rain Rashifal RBI Recipe skin care Supreme Court Sushasan Tihar TMC top-news Trump Vaibhav Suryavanshi vastu tips vishnu water Weather yogi Yogi government
About the Author

GoodDoo News
Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed












