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पंजाब पर कांग्रेस का फोकस बढ़ा, 12 दिन में चौथी बैठक; 117 सीटों के लिए मिशन मोड में पार्टी

चंडीगढ़. पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी तैयारी को लेकर रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब कांग्रेस की टॉप लीडरशिप के साथ लगातार दिल्ली में मंथन का दौर जारी है। पार्टी आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व को पिछले 12 दिनों में चौथी बार दिल्ली बुलाकर यह संकेत दे दिया है कि 2027 के…

पंजाब पर कांग्रेस का फोकस बढ़ा, 12 दिन में चौथी बैठक; 117 सीटों के लिए मिशन मोड में पार्टी

चंडीगढ़.

पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी तैयारी को लेकर रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब कांग्रेस की टॉप लीडरशिप के साथ लगातार दिल्ली में मंथन का दौर जारी है। पार्टी आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व को पिछले 12 दिनों में चौथी बार दिल्ली बुलाकर यह संकेत दे दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक स्तर पर गंभीरता से काम शुरू हो चुका है।

बुधवार को पंजाब के वरिष्ठ नेताओं को दोपहर बाद फिर से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने का संदेश दिया गया, जिसके बाद कई नेता दिल्ली रवाना हो गए। वीरवार को प्रस्तावित इस अहम बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंद्र सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह, सांसद सुखजिंद्र सिंह रंधावा, सांसद डॉ. अमर सिंह, विजय इंदर सिंगला और अरुणा चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा होगी
पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य एजेंडा पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा करना, संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा तय करना तथा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना रहेगा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व प्रदेश से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसलों की जानकारी भी नेताओं के साथ साझा कर सकता है। पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि बैठक में राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों की राजनीतिक स्थिति का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके अलावा संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को प्रारंभिक स्तर पर आगे बढ़ाने पर भी विचार होगा, ताकि संभावित प्रत्याशियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पर्याप्त समय मिल सके।

चुनावों के लिए पहले से तैयार होगी कांग्रेस
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि किसी कारणवश विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले घोषित होते हैं तो पहले से तैयार उम्मीदवारों को जनसंपर्क और चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा। पार्टी की रणनीति संभावित चेहरों को समय रहते सक्रिय कर संगठन विस्तार और जमीनी पकड़ मजबूत करने की है। लगातार हो रही बैठकों को राजनीतिक हलकों में इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान पंजाब में पार्टी की वापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और दीर्घकालिक चुनावी रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है।

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