इंडियाज गॉट लेटेंट मामले में समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट का 10 लाख जुर्माना

स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों से घिर चुके हैं. उनके विवादित इंडियाज गॉट लेटेंट शो पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कॉमेडियन को फटकार लगाई है. कोर्ट का कहना है कि समय ने उन्हें गुमराह किया और गलत बयान दिए. इंडिया गॉट लेटेंट विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन…

इंडियाज गॉट लेटेंट मामले में समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट का 10 लाख जुर्माना

स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों से घिर चुके हैं. उनके विवादित इंडियाज गॉट लेटेंट शो पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कॉमेडियन को फटकार लगाई है. कोर्ट का कहना है कि समय ने उन्हें गुमराह किया और गलत बयान दिए. इंडिया गॉट लेटेंट विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.

सुप्रीट कोर्ट ने दिया झटका
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि तय समय में जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई, तो समय रैना के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद को यूथ आइकन बताने वाले समय रैना को जमकर फटकारा. एक समय तो कोर्ट ने कहा कि इतने समय बाद ये जवाब क्यों आया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने तो समय के जवाब की फाइल पढ़ते हुए यहां तक कहा कि 'फेंकों इसे'.

अमाइकस क्योरे अपराजिता ने कहा कि कॉमेडियन के शो पर आपत्ति करने वाले समाज के लोग डिग्निटी के लिए लड़ रहे हैं ना कि मुआवजे के लिए. इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में होस्ट समय रैना, रणवीर अलाबादिया और अन्य इन्फ्लुएंसर्स द्वारा दिव्यांग बच्चों और व्यक्तियों का मजाक उड़ाए जाने पर पांच पांच लाख रुपए जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने दो हफ्ते में आदेश का पालन कर कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने को कहा है.

समय के शो पर बवाल अब भी जारी
दरअसल पिछले साल इंडियाज गॉट लेटेंट पर समय रैना ने दिव्यांग बच्चों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों के बारे में जोक मारा था, जिसपर बाद में विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था. समय और उनके साथ मौजूद कई सारे कॉमेडियन्स को माफी मांगनी पड़ गई थी. कोर्ट ने कॉमेडियन को आदेश दिए थे कि वो विकलांग व्यक्तियों के लिए धन जुटाने के मकसद से एक शो का आयोजन करें. इसमें जुटाई गए सारे पैसे उन खास बच्चों के इलाज के लिए इस्तेमाल होते. मगर समय ने अभी तक SMA से इस बारे में कोई संपर्क नहीं किया, जिसपर अब सुप्रीम कोर्ट का गुस्सा फूटा है.

SMA फाउंडेशन के वकील ने कोर्ट से कहा, मुझे समझ नहीं आता कि वह किस तरह का यूथ आइकन है… ये सोचकर ही डर लगता है.  वकील ने आगे कहा कि समय लगातार शो कर रहे हैं, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्होंने अब तक ना तो SMA फाउंडेशन से संपर्क किया है और ना ही SMA से पीड़ित लोगों से.

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