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यात्रियों को राहत की उम्मीद, वेल्लोर होकर चलेगी नई ट्रेन

 रांची  रांची से बेंगलुरु के बीच रोजाना सीधी रेल सेवा नहीं होने से यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में हटिया से सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी), बेंगलुरु के लिए सप्ताह में केवल तीन दिन ही सीधी ट्रेन उपलब्ध है। ऐसे में दक्षिण भारत जाने वाले आईटी प्रोफेशनल, छात्र, मरीज, कामगार और व्यवसायियों…

यात्रियों को राहत की उम्मीद, वेल्लोर होकर चलेगी नई ट्रेन

 रांची
 रांची से बेंगलुरु के बीच रोजाना सीधी रेल सेवा नहीं होने से यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में हटिया से सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी), बेंगलुरु के लिए सप्ताह में केवल तीन दिन ही सीधी ट्रेन उपलब्ध है।

ऐसे में दक्षिण भारत जाने वाले आईटी प्रोफेशनल, छात्र, मरीज, कामगार और व्यवसायियों को टिकट नहीं मिलने, लंबी प्रतीक्षा सूची और महंगे हवाई किराये की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रांची रेल मंडल ने मुख्यालय के माध्यम से वेल्लोर होते हुए बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा है। मामला फिलहाल रेलवे मुख्यालय के स्तर पर विचाराधीन है।

सप्ताह में सिर्फ तीन दिन मिलती है सीधी ट्रेन
हटिया से बेंगलुरु के लिए वर्तमान में दो ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। इनमें हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन (मंगलवार एवं रविवार) तथा हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस शनिवार को चलती है।

यानी सप्ताह में केवल तीन दिन ही सीधी ट्रेन उपलब्ध है। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को रांची अथवा हटिया से बेंगलुरु के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। इसका असर सबसे अधिक उन यात्रियों पर पड़ता है, जिन्हें नौकरी, पढ़ाई, इलाज अथवा व्यावसायिक कार्यों से तत्काल यात्रा करनी पड़ती है।

हवाई यात्रा हर किसी के बस की बात नहीं
बेंगलुरु जाने के लिए हवाई सेवा उपलब्ध जरूर है, लेकिन सामान्य दिनों में भी आठ से दस हजार रुपये तक का किराया देना पड़ता है। ऐसे में अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार, छात्र, मरीज और कामगार विमान यात्रा का खर्च वहन नहीं कर पाते।

यही कारण है कि अधिकांश यात्री रेल सेवा पर निर्भर रहते हैं। सीमित ट्रेनों के कारण टिकट खुलते ही लंबी प्रतीक्षा सूची हो जाती है और कई यात्रियों को यात्रा स्थगित करनी पड़ती है या फिर दूसरे शहरों से ट्रेन पकड़नी पड़ती है।

वेल्लोर होते हुए ट्रेन चलाने का प्रस्ताव
रांची रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय को अतिरिक्त ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में ट्रेन को वेल्लोर होते हुए बेंगलुरु तक चलाने की अनुशंसा की गई है।

इससे झारखंड के उन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जो इलाज के लिए नियमित रूप से क्रिश्चियन मेडिकल कालेज (सीएमसी), वेल्लोर जाते हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड स्तर पर भी इस प्रस्ताव को सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यालय से लिया जाएगा।

वर्षों से उठ रही है रोजाना ट्रेन चलाने की मांग
रेल यात्रियों का कहना है कि झारखंड से बड़ी संख्या में युवा बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र, उच्च शिक्षा, निजी कंपनियों और विभिन्न संस्थानों में कार्यरत हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के अस्पतालों में इलाज के लिए भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज जाते हैं। इसके बावजूद रोजाना ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं होना यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।

मैं आईटी क्षेत्र में कार्यरत हूं और अक्सर रांची से बेंगलुरु आना-जाना पड़ता है। सीमित ट्रेन सेवा के कारण टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार मजबूरी में महंगी हवाई यात्रा करनी पड़ती है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए रोजाना ट्रेन का परिचालन जरूरी है।

दक्षिण भारत में इलाज और पढ़ाई के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सप्ताह में केवल तीन दिन ट्रेन होने से काफी परेशानी होती है। टिकट महीनों पहले भी आसानी से नहीं मिलता। रेलवे को जल्द रोजाना ट्रेन चलानी चाहिए।

रांची से बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। इस संबंध में रेलवे के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है। मेरा प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और उनकी यात्रा आसान हो। इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

संजय सेठ, रक्षा राज्य मंत्री एवं सांसद, रांची

रांची से बेंगलुरु के लिए रोजाना ट्रेन की मांग कई वर्षों से की जा रही है। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ट्रेनें नहीं बढ़ीं। रेलवे को यात्री भार का अध्ययन कर शीघ्र नई ट्रेन शुरू करनी चाहिए। पिछले जेडआयरयूसीसी की बैठक में इस मामले को उठाया गया था।

सतीश सिन्हा, सदस्य, जेडआरयूसीसी

बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों में छात्र, मरीज और नौकरीपेशा लोगों की संख्या सबसे अधिक है। वर्तमान व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। रेलवे को दैनिक ट्रेन सेवा शुरू कर यात्रियों को राहत देनी चाहिए।

अभिषेक, अध्यक्ष, झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन

रांची से बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त ट्रेन परिचालन का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। यह मामला फिलहाल विचाराधीन है। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर यात्रियों को निश्चित रूप से बेहतर सुविधा मिलेगी और दक्षिण भारत की यात्रा अधिक सुगम होगी

करुणानिधि सिंह, मंडल रेल प्रबंधक, रांची रेल मंडल

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