,

इंदौर पहुंची हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच, एक सप्ताह में शुरू होगा संचालन; पर्यटकों को मिलेगी पहाड़ी सफर की सौगात

इंदौर पातालपानी-कालाकुंड की खूबसूरत वादियों में आनंद उठाने वाले सैलानियों और यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच राजस्थान के बीकानेर में मरम्मत के बाद रविवार को मालगाड़ी से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। अब इन कोच को पातालपानी पहुंचाया जाएगा। संभावना है कि एक…

इंदौर पहुंची हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच, एक सप्ताह में शुरू होगा संचालन; पर्यटकों को मिलेगी पहाड़ी सफर की सौगात

इंदौर

पातालपानी-कालाकुंड की खूबसूरत वादियों में आनंद उठाने वाले सैलानियों और यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच राजस्थान के बीकानेर में मरम्मत के बाद रविवार को मालगाड़ी से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। अब इन कोच को पातालपानी पहुंचाया जाएगा। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर हेरिटेज ट्रेन यात्रियों व सैलानियों को लेकर पहाड़ियों की सैर कराने के लिए निकल सकेगी।
क्रेन से ट्रैक पर उतरेंगे कोच, ट्रायल रन के बाद शुरू होगा संचालन

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार के अनुसार लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच को महू होते हुए पातालपानी तक ले जाया जाएगा। फिर इन्हें क्रेन की मदद से ट्रैक पर उतारा जाएगा। इंजन के साथ सभी कोच का अलाइनमेंट होगा। इसके बाद ट्रायल रन के दौरान रैक, ट्रैक और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ सुरक्षा मानकों की जांच होगी। सब कुछ सामान्य रहा तो जल्द ही यात्री संचालन शुरू किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर हेरिटेज ट्रेन फिर से पातालपानी से कालाकुंड की वादियों में दौड़ती नजर आएगी।

155 साल से ज्यादा पुराना है यह मीटरगेज ट्रैक

पातालपानी से कालाकुंड का लगभग 9.5 से 10 किलोमीटर लंबा मीटरगेज रेलवे ट्रैक 155 से अधिक वर्ष पुराना है। इसकी योजना 19वीं सदी में इंदौर रियासत के महाराजा तुकोजी राव होलकर द्वितीय ने बनाई थी। यह ऐतिहासिक लाइन 1878 में होलकर स्टेट रेलवे के तहत बनकर पूरी हुई थी। महाराजा तुकोजी राव होलकर द्वितीय ने वर्ष 1870 में इस रेल लाइन के निर्माण की पहल की थी। वर्ष 1881-82 के दौरान ट्रैक राजपूताना-मालवा रेलवे का हिस्सा बन गया।

यह खंड ऐतिहासिक डॉ. अंबेडकर नगर (महू)-खंडवा मीटरगेज मार्ग का एक हिस्सा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इसे ब्रॉडगेज में बदलना आसान नहीं था। रेलवे ने वर्ष 2018 में इस हिस्से को संरक्षित कर हेरिटेज ट्रेन संचालन शुरू किया। पहली हेरिटेज ट्रेन 25 दिसंबर 2018 को संचालित हुई थी।

पिछले साल छह कोच के साथ चली थी ट्रेन

वहीं, रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल ट्रेन में दो वातानुकूलित चेयरकार (सी-1 और सी-2) तथा चार सामान्य चेयरकार (डी-1, डी-2, डी-3 और डी-4) थे। पिछले वर्ष एक तरफ की यात्रा के लिए वातानुकूलित चेयरकार का किराया 265 रुपये एवं सामान्य चेयरकार का किराया 20 रुपये प्रति टिकट निर्धारित था।

चार सुरंगें, 24 मोड़ और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम

पातालपानी से कालाकुंड का करीब 9.5 किलोमीटर लंबा मीटरगेज ट्रैक में रोमांच की कमी नहीं है। ट्रैक पर चार सुरंगें, करीब 24 मोड़, छह बड़े और 35 छोटे पुल हैं। एक तरफ पहाड़ और घने जंगल तो दूसरी तरफ घाटियां और झरने इस यात्रा को खास बनाते हैं। वर्षा के मौसम में पातालपानी का झरना और आसपास की हरियाली खूबसूरती और बढ़ा देती है।

मरम्मत में देरी के कारण इस साल देर से शुरू हो रहा संचालन

2025 में मानसून के दौरान हेरिटेज ट्रेन का संचालन किया गया था। यह 26 जुलाई से 16 नवंबर 2025 तक हर शुक्रवार से रविवार तक संचालित की गई थी। इस साल कोच की मरम्मत में समय लगने के कारण इसका संचालन भी देरी से शुरू हो रहा है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports