रांची
राजधानी में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने संक्रमित मरीजों के इलाज और संक्रमण से बचाव के लिए अलग व्यवस्था की है। स्वाइन फ्लू के मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग रखने के लिए रिम्स के कॉटेज के ग्राउंड फ्लोर को आरक्षित किया गया है।
यहां फिलहाल 10 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आइसोलेशन वार्ड में भी स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए बेड रिजर्व रखे गए हैं। रिम्स के अपर अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर संक्रमित मरीजों को निर्धारित स्थान पर भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
मरीजों की जांच से लेकर दवा और अन्य आवश्यक उपचार की सुविधाएं रिम्स में उपलब्ध हैं। स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए काटेज के केवल ग्राउंड फ्लोर को आरक्षित किया गया है। पहले तले को पूर्व की तरह पेइंग वार्ड के रूप में संचालित किया जाएगा। इससे सामान्य मरीजों की सुविधा भी प्रभावित नहीं होगी।
संक्रमण को फैलने से रोकने पर जोर
स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों के लिए अलग स्थान निर्धारित करने का मुख्य उद्देश्य उपचार के साथ संक्रमण को अन्य मरीजों, स्वजन और अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों तक फैलने की आशंका को कम करना है। मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें निगरानी और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
मालूम हो कि राजधानी में पिछले कुछ दिनों में बच्चों में इन्फ्लूएंजा-ए यानी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े हैं। रिम्स और सदर अस्पताल के शिशु रोग ओपीडी में भी स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले बच्चे पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने पहले से ही उपचार व्यवस्था को तैयार रखने का निर्णय लिया है।
















