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बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर का असर, 15 सितंबर तक बारिश के आसार

जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना…

बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर का असर, 15 सितंबर तक बारिश के आसार

जयपुर
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

राजस्थान में मानसून की बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। गुरुवार को तेज धूप और बढ़ते तापमान से जहां प्रदेश में गर्मी फिर परेशान करने लगी, वहीं अब बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम ने मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दे दिए हैं। इसके असर से शुक्रवार से राज्य में मानसून फिर एक्टिव होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

9 जिलों में आज बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

15 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का असर
मौसम का यह बदलाव सिर्फ एक-दो दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में बारिश का दौर 15 सितंबर तक एक्टिव रह सकता है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यानी अभी आसमान पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है और अगले कुछ दिनों में मौसम बार-बार करवट ले सकता है।

गुरुवार को बारिश गायब, धूप ने बढ़ाई गर्मी
दिलचस्प बात यह है कि बारिश के अलर्ट से ठीक पहले गुरुवार को राजस्थान में मौसम काफी अलग नजर आया। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिनभर तेज धूप रही। बारिश का दौर थमने के साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 10 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया।

40 डिग्री तक पहुंचा पारा
गुरुवार को पिलानी में सबसे ज्यादा गर्मी रिकॉर्ड की गई। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके बाद श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने जोर दिखाया और अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में प्रदेश में एक तरफ 40 डिग्री तक पहुंचती गर्मी है, तो दूसरी तरफ अगले कुछ घंटों में बारिश की वापसी का अलर्ट है।

24 सितंबर तक गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं
बारिश की संभावना के बावजूद मौसम विभाग ने अगले दो सप्ताह को लेकर एक और अहम संकेत दिया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 24 सितंबर तक प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। यानी बारिश के कुछ दौर भले ही तापमान को नीचे खींचें, लेकिन पूरे प्रदेश में लगातार ठंडक का दौर शुरू होने की उम्मीद अभी नहीं है।

बारिश आएगी, लेकिन गर्मी भी बनी रहेगी
मौसम का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि सितंबर में मानसून और गर्मी दोनों साथ-साथ अपना असर दिखा सकते हैं। दिन में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के चलते बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने वाली हैं। ऐसे में कुछ इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि दूसरे हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है।

अब नजर अगले चार-पांच दिनों पर
फिलहाल मौसम विभाग की नजर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर सिस्टम और उसके राजस्थान पर पड़ने वाले असर पर है। शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद अगले कुछ दिनों में इसका दायरा और बढ़ सकता है। 15 सितंबर तक मानसून एक्टिव रहने की संभावना ने सितंबर के मौसम को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल राजस्थान में सवाल यही है कि 40 डिग्री तक पहुंचा पारा पहले नीचे आएगा या मानसून की बारिश कुछ इलाकों में गर्मी को और पीछे धकेलेगी।

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