,

निर्यात में यूपी का नया रिकॉर्ड, राष्ट्रीय औसत से साढ़े तीन गुना तेज बढ़ी रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति (2026-29) के सकारात्मक परिणाम प्रदेश के निर्यात आंकड़ों में तेजी से दिखाई दे रहा है। जुलाई 2026 में उत्तर प्रदेश से बोतलबंद मदिरा का निर्यात 55.2 लाख अमेरिकी डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष जुलाई के 29.1 लाख डॉलर की तुलना में 89.7…

निर्यात में यूपी का नया रिकॉर्ड, राष्ट्रीय औसत से साढ़े तीन गुना तेज बढ़ी रफ्तार

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति (2026-29) के सकारात्मक परिणाम प्रदेश के निर्यात आंकड़ों में तेजी से दिखाई दे रहा है। जुलाई 2026 में उत्तर प्रदेश से बोतलबंद मदिरा का निर्यात 55.2 लाख अमेरिकी डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष जुलाई के 29.1 लाख डॉलर की तुलना में 89.7 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि इसी अवधि में देश का समग्र निर्यात 25.7 प्रतिशत बढ़ा। यानी उत्तर प्रदेश की निर्यात वृद्धि राष्ट्रीय वृद्धि की तुलना में करीब साढ़े तीन गुना रही।

जुलाई में राष्ट्रीय निर्यात में उत्तर प्रदेश की मासिक हिस्सेदारी 8.3 प्रतिशत से बढ़कर 12.5 प्रतिशत हो गई। इस उपलब्धि के साथ प्रदेश महाराष्ट्र और पंजाब के बाद देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। 

व्हिस्की-वोदका के निर्यात ने पकड़ी तेज रफ्तार

प्रदेश के निर्यात प्रदर्शन में व्हिस्की और वोदका की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जुलाई में व्हिस्की के निर्यात में 78.8 प्रतिशत, जबकि वोदका के निर्यात में 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। मात्रा के लिहाज से प्रदेश का निर्यात 230 प्रतिशत बढ़ा, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 90 प्रतिशत रही। इससे प्रदेश की निर्यात क्षमता और बाजार विस्तार की बढ़ती गति का संकेत मिलता है।

4 माह में 183 लाख डॉलर का निर्यात, 66 लाख डॉलर अतिरिक्त विदेशी मुद्रा

अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात 183 लाख डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 117 लाख डॉलर था। इस तरह चार माह में 56.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि राष्ट्रीय वृद्धि 20.4 प्रतिशत रही। प्रदेश ने इस अवधि में 66 लाख डॉलर की अतिरिक्त विदेशी मुद्रा अर्जित की। राष्ट्रीय निर्यात में हिस्सेदारी 9.7 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई और प्रदेश चौथे से तीसरे स्थान पर पहुंच गया। निर्यात लाइनें 29 से बढ़कर 39 तथा संचालित बंदरगाहों की संख्या सात से बढ़कर 10 हो गई।

नई इकाइयों से निवेश और किसानों को भी लाभ

नीति के सकारात्मक प्रभाव से प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और बंद संयंत्रों के पुनर्जीवन का सिलसिला भी तेज हुआ है। यूनाइटेड ब्रुअरीज उन्नाव और माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज हरदोई में नई इकाइयां स्थापित कर रही हैं। वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने फर्रुखाबाद में इकाई स्थापित की है, जबकि एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को फिर सक्रिय किया है। गोरखपुर में कियान डिस्टिलरी ने पेय आसवनी और ब्रुअरी के लिए आवेदन किया है।

आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि नीति का लाभ प्रदेश के किसानों तक भी पहुंच रहा है। ईएनए उत्पादन बढ़ने से चीनी मिलों के शीरे की मांग बढ़ी है, वहीं ग्रेन आधारित आसवनियों में उत्पादन बढ़ने से अनाज की खरीद में वृद्धि हुई है। नीति में यह भी प्राविधान है कि जिस आसवनी अथवा उसके स्वामी की किसी अन्य इकाई या चीनी मिल पर गन्ना मूल्य भुगतान की वसूली प्रमाण-पत्र प्रभावी है, उसे नीति की छूट नहीं दी जाएगी।

कांच, पैकेजिंग से परिवहन तक बढ़े अवसर

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि देशभर में बोतलबंद मदिरा के निर्यात में जुलाई में 11.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जबकि उत्तर प्रदेश ने इसी अवधि में 55.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। बोतलबंद निर्यात में प्रदेश की राष्ट्रीय हिस्सेदारी भी 7.9 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। निर्यात में वृद्धि का असर केवल आसवनी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। गन्ना, शीरा और अनाज से जुड़ी पश्च संबद्धता के साथ कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी कारोबार बढ़ने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात भी पूरा हुआ, जिससे पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित हुई। यह राशि अलग शुल्क वर्गीकरण के कारण उपरोक्त आंकड़ों के अतिरिक्त है।

यूपी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

उत्तर प्रदेश की निर्यात नीति का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से गठित टास्क फोर्स विभिन्न राज्यों के लिए आदर्श निर्यात नीति तैयार कर रही है। इसमें एपीडा समेत विभिन्न राज्यों के आबकारी विभाग शामिल हैं। टास्क फोर्स की बैठक में उत्तर प्रदेश की नीति की सराहना की गई और इसे अन्य राज्यों के लिए उपयोगी ढांचा बताया गया। राष्ट्रीय आदर्श नीति में उत्तर प्रदेश के अनुभवों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports