पनामा बयान पर राहुल गांधी ने जताया खेद, 8 साल पुराना मानहानि केस खत्म

भोपाल  कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2018 में दायर मानहानि का मामला अब समाप्त हो गया है। यह मामला तत्कालीन मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने दायर किया था। झाबुआ में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स का जिक्र करते हुए कार्तिकेय का नाम…

पनामा बयान पर राहुल गांधी ने जताया खेद, 8 साल पुराना मानहानि केस खत्म

भोपाल
 कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2018 में दायर मानहानि का मामला अब समाप्त हो गया है। यह मामला तत्कालीन मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने दायर किया था। झाबुआ में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स का जिक्र करते हुए कार्तिकेय का नाम लिया था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से स्पष्ट किया गया था कि कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लेना तथ्यात्मक भूल थी। उन्होंने लिखित रूप से खेद भी जताया था। कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से यह खेद स्वीकार किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने भोपाल की अदालत में लंबित कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया था।

2018 के बयान से शुरू हुआ था विवाद
यह मामला 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए राहुल गांधी के एक भाषण से शुरू हुआ था। झाबुआ की रैली में पनामा पेपर्स का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। इसके बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल की अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 से जुड़ी कार्यवाही का उल्लेख कोर्ट रिकॉर्ड में है।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?
हाईकोर्ट की कार्यवाही में राहुल गांधी की ओर से बताया गया कि कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया जाना गलती से हुआ था। उन्होंने अपने बयान को लेकर लिखित रूप से खेद व्यक्त किया। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, कार्तिकेय की ओर से भी राहुल गांधी के इस स्पष्टीकरण और खेद को स्वीकार किया गया तथा दोनों अदालतों में कार्यवाही समाप्त करने पर सहमति जताई गई।

निचली अदालत में भी मामला खत्म
राहुल गांधी ने भोपाल की अदालत से जारी समन और मानहानि मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 24 जून 2026 के हाईकोर्ट रिकॉर्ड में इस मामले में राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तंखा समेत अन्य वकीलों की मौजूदगी दर्ज है। कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर पेश हुए थे। 25 जून 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की ओर से व्यक्त खेद और कार्तिकेय की सहमति के आधार पर कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश में भोपाल की अदालत में लंबित कार्यवाही बंद करने की बात भी दर्ज है।

भोपाल कोर्ट में क्या हुआ?
इसके बाद भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय के तृतीय सिविल न्यायाधीश, वरिष्ठ खंड के न्यायालय में मामले की आगे की कार्रवाई हुई। कोर्ट रिकॉर्ड में कार्तिकेय सिंह चौहान याचिकाकर्ता और राहुल गांधी प्रतिवादी के रूप में दर्ज हैं। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले का भोपाल कोर्ट में भी निराकरण हो गया है। यानी 2018 के उस बयान से शुरू हुई कानूनी कार्यवाही अब समाप्त हो चुकी है।

क्या था पूरा विवाद?
विवाद का केंद्र राहुल गांधी का वह बयान था, जिसमें उन्होंने पनामा पेपर्स के संदर्भ में कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। कार्तिकेय ने इसे मानहानिकारक बताते हुए अदालत का रुख किया था। बाद में राहुल गांधी ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि उनका आशय किसी दूसरे व्यक्ति का नाम लेने से था और कार्तिकेय का नाम लिया जाना तथ्यात्मक भूल थी। लिखित खेद स्वीकार किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को आगे चलाने की आवश्यकता नहीं मानी और कार्यवाही समाप्त कर दी।

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