,

हिंदू महिला को फातिमा बीबी बताकर वोटर लिस्ट में जोड़ा नाम, प्रशासन ने शुरू की जांच

 पटना बरहेट विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वंशावली के आधार पर हिंदू महिला मिता देवी को मुस्लिम फातिमा बीबी बनाकर उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ने पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने उपायुक्त से इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। वहीं डीसी ने पूरे…

हिंदू महिला को फातिमा बीबी बताकर वोटर लिस्ट में जोड़ा नाम, प्रशासन ने शुरू की जांच

 पटना
बरहेट विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वंशावली के आधार पर हिंदू महिला मिता देवी को मुस्लिम फातिमा बीबी बनाकर उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ने पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है।

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने उपायुक्त से इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। वहीं डीसी ने पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों के साथ शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर दोबारा जांच करने के निर्देश दिए।

पिता नेजामुद्दीन मोमिन की दूसरी संतान बताते हुए जमा की गई वंशावली को रद करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रशासन की ओर से वंशावली बनाने में शामिल सभी लोगों पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।

मिता देवी के फातिमा बीबी बनने संबंधी तमाम दस्तावेज मांगे गए हैं। वंशावली में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब उसका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा।

बता दें कि एसआइआर में जालसाजी-फर्जी प्रमाण पत्र के एक अन्य मामले में रूबेदा बीबी, रूबी शेख, पिंटू शेख, सेंटू शेख, मंजारूल आलम, रीना खातून (सोलेमान शेख), रीना खातून (मंजूर शेख) और मो. शमीम समेत आठ पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। लेकिन इस मामले में आज तक किसी आरोपित पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मतांतरण और जालसाजी से जुड़ा है पूरा मामला
गोड्डा निवासी जालश रंजन दत्ता की पुत्री मिता देवी की शादी 2012 में बरहेट प्रखंड के बरमसिया निवासी प्रीतम कुमार चंद्र से हुई थी। प्रीतम बाहर रहकर मेहनत-मजदूरी करता है।

तब उसकी पत्नी ने गांव के ही नजरूल अंसारी से करीब आठ साल पूर्व दूसरी शादी कर ली। मतांतरण के बाद नाम बदल कर फातिमा बीबी कर लिया।

9 सितंबर 2013 को बने आधार कार्ड (3803 6561 9507) में 14 सितंबर 2020 को नाम व फोटो भी बदल दिया गया। बायोमीट्रिक पहचान एक रही सो दूसरे आधार कार्ड का नंबर भी समान ही रहा।

इधर, एसआइआर प्रक्रिया शुरू हुई, तो वंशावली की जरूरत पड़ी। ऐसे में आनन-फानन में 23 सितंबर को नेजामुद्दीन मोमिन की एक वंशावली बनाई गई, जिसमें मिता देवी (कथित फातिमा बीबी) को दूसरी संतान दर्शा दिया गया।

वंशावली पर सीओ का हस्ताक्षर 24 सितंबर की तिथि में ही है। वहीं वंशावली में जिसने सबका नाम अंकित किया उसी ने फातिमा बीबी का हस्ताक्षर भी कर दिया।

गोड्डा सांसद ने की सख्त कार्रवाई की मांग
गोड्डा सांसद डा. निशिकांत दुबे ने शनिवार को अपने एक्स हैंडल पर दैनिक जागरण की खबर पोस्ट करते हुए लिखा- झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ और बदलती जनसांख्यकी का मामला लगातार गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

साहिबगंज के बरहेट प्रखंड में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और हिंदू महिला के पिता के रूप में नेजामुद्दीन का नाम दर्ज होने का मामला सामने आया है। आखिर

मतदाता सूची में ऐसी विसंगतियां कैसे हुई?
इसके पीछे किसकी लापरवाही है और कौन जिम्मेदार है? इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच होनी चाहिए। यदि फर्जी दस्तावेजों या गलत तरीके से नाम दर्ज कराने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports