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मुंगेली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, ‘अचीवर्स’ श्रेणी में बनाई खास पहचान

मुंगेली. कभी मामूली जटिलता वाले मामलों में भी मरीजों को बड़े शहरों के लिए रेफर करने वाले जिला चिकित्सालय मुंगेली की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज अस्पताल न केवल जिले बल्कि आसपास…

मुंगेली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, ‘अचीवर्स’ श्रेणी में बनाई खास पहचान

मुंगेली.

कभी मामूली जटिलता वाले मामलों में भी मरीजों को बड़े शहरों के लिए रेफर करने वाले जिला चिकित्सालय मुंगेली की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज अस्पताल न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बनकर उभरा है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार के कुशल मार्गदर्शन, सतत मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भावना से किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप मुंगेली जिला आज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के कारण मुंगेली जिला वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में शामिल हुआ है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मुंगेली जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की सतत समीक्षा की जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम मुंगेली जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले की इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे, सभी बीएमओ, बीपीएम और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरलता से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में शानदार उपलब्धि
जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 रहा। यह जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता को दर्शाता है। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 100 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के छह स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना के बावजूद यह उपलब्धि प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चिरायु दल की सक्रियता से बच्चों को मिला बेहतर उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग 100 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार भी सुनिश्चित किया गया।

टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में मुंगेली जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।

आईसीयू में गंभीर मरीजों को मिल रहा जीवनदान
जिला चिकित्सालय मुंगेली में पिछले एक वर्ष से अत्याधुनिक आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जहां गंभीर एवं अति गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख में उपचार प्रदान किया जा रहा है। आईसीयू की स्थापना के बाद से हजारों मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है आईसीयू का सक्सेस रेट लगभग 80 प्रतिशत हैं, जो कि किसी भी बड़े और आधुनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से पीछे नही हैं।

गैर संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में अव्वल
30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

आयुष्मान, आभा आईडी और टेली कंसल्टेशन में भी बड़ी उपलब्धि
जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 100 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।

आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से बढ़ा लोगों का भरोसा
जिला चिकित्सालय आज आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम दर पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू सुविधा, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय में 04 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को जिले में ही सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल रही है।
डायलिसिस सेवा के तहत लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक डायलिसिस सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन की पहल पर लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डायलिसिस सेंटर की स्वीकृति मिल चुकी है।

हीटवेव प्रबंधन में भी प्रशासन की संवेदनशील पहल
भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को लू से बचाव की जानकारी दी जा रही है। मुंगेली जिले की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन, सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क के माध्यम से जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

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