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राजस्थान के 13 जिलों में हल्की बारिश के आसार, भारी बारिश का अलर्ट नहीं

जयपुर राजस्थान में मानसून की रफ्तार थमने से एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ गई है। जुलाई के मध्य तक अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल तो गायब हैं, लेकिन गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार (16 जुलाई) को प्रदेश में कहीं भी…

राजस्थान के 13 जिलों में हल्की बारिश के आसार, भारी बारिश का अलर्ट नहीं

जयपुर
राजस्थान में मानसून की रफ्तार थमने से एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ गई है। जुलाई के मध्य तक अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल तो गायब हैं, लेकिन गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार (16 जुलाई) को प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि 13 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। राहत की बात यह है कि 19 जुलाई से मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है और मानसून दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राजस्थान में मानसून ‘ब्रेक फेज’ से गुजर रहा है। यही वजह है कि पिछले करीब एक सप्ताह से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बेहद कमजोर बनी हुई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में भी राजस्थान के ऊपर बादलों की कमी साफ दिखाई दे रही है। 10 जुलाई के बाद से लगभग यही स्थिति बनी हुई है।

13 फीसदी कम बारिश, खेतों में बढ़ी चिंता
मानसून की सुस्ती का सबसे ज्यादा असर खरीफ की फसलों पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। जिन इलाकों में बाजरा, मूंग, उड़द, तिल और दूसरी खरीफ फसलें बोई गई हैं, वहां नमी कम होने लगी है। कई जगह खेतों में फसलें मुरझाने लगी हैं और यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो नुकसान बढ़ने की आशंका है।

किसानों का कहना है कि बुवाई के बाद शुरुआती बारिश तो मिल गई, लेकिन अब लगातार सूखे जैसे हालात बनने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है।

आज इन 13 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने गुरुवार को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। हालांकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और गर्मी-उमस का असर बने रहने का अनुमान है।

गर्मी और उमस ने किया बेहाल
बारिश की कमी के कारण दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद जैसलमेर में 39.0 डिग्री और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

बुधवार शाम श्रीगंगानगर में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं आया।

जयपुर से उदयपुर तक उमस का असर
राजधानी जयपुर में दिनभर मौसम साफ रहा और बीच-बीच में हल्के बादल नजर आए। यहां अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री और न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है।

उदयपुर में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। यहां अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री और न्यूनतम 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले एक दिन में दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी हुई।

अजमेर में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर उमस बनी रही, हालांकि शाम को चली हवा से लोगों को थोड़ी राहत मिली।

कोटा में भी बारिश का इंतजार जारी है। यहां अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी।

अलवर और सीकर में बूंदाबांदी की उम्मीद
अलवर में सुबह घने बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर बाद तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक यहां बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना जताई है।

सीकर में सुबह ठंडी हवा चलने से कुछ राहत मिली, लेकिन बाद में धूप तेज हो गई। जिले के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देर रात तक हल्की बारिश होने का अनुमान है। जिले में अब तक सामान्य से 45 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेती पर असर साफ दिखाई देने लगा है।

19 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान में मानसून की गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत रहा तो कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर लौट सकता है और किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम वैज्ञानिक लगातार बदलती परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। अगले दो-तीन दिन राजस्थान के लिए इंतजार और उम्मीद वाले रहने वाले हैं। यदि 19 जुलाई के बाद मानसून फिर सक्रिय होता है तो सूखती फसलों को नई जिंदगी मिल सकती है और बारिश का लंबा इंतजार भी खत्म हो सकता है।

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