UPSC IPS 2024: 147 सीटें, कॉम्पिटिशन और कड़ा हुआ

 यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 के आधार पर पश्चिम बंगाल को सबसे ज्यादा IPS मिलेंगे, इसके बाद आंध्र प्रदेश में इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के सबसे ज्यादा पद भरे जाएंगे। वहीं कुछ ऐसे राज्य भी हैं, जहां 2024 की भर्ती से एक भी IPS को नियुक्त नहीं जाएगा। इसकी जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक…

UPSC IPS 2024: 147 सीटें, कॉम्पिटिशन और कड़ा हुआ

 यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 के आधार पर पश्चिम बंगाल को सबसे ज्यादा IPS मिलेंगे, इसके बाद आंध्र प्रदेश में इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के सबसे ज्यादा पद भरे जाएंगे। वहीं कुछ ऐसे राज्य भी हैं, जहां 2024 की भर्ती से एक भी IPS को नियुक्त नहीं जाएगा। इसकी जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों से मिली है।

गृह मंत्रालय ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 के जरिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में भरी जाने वाली वैकेंसी की कैटेगरी वाइज और कैडर या स्टेट वाइज लिस्ट जारी की है। आईपीएस वैकेंसी की जारी हुई लिस्ट से पता चलता है कि इस बार आईपीएस की रिक्तियों की संख्या में काफी गिरावट आई है।

IPS की वैकेंसी घटी
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से IPS की सिर्फ 147 रिक्तियों की सूचना दी गई है। इनमें 49 इनसाइडर और 98 आउटसाइडर हैं। जो पिछले साल से काफी कम हो गई हैं। पिछले आवंटन चक्र में आईपीएस पदों की संख्या 200 थी। इसका मतलब है कि उम्मीदवार 53 कम पदों के लिए मुकाबला कर रहे हैं, जिससे पुलिस सेवा की दौड़ काफी कठिन हो गई है।
पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा, कई राज्यों में शून्य IPS पद
MHA द्वारा जारी यूपीएससी आईपीएस वैकेंसी ब्रेकअप से पता चलता है कि 2024 की भर्ती के माध्यम से सबसे ज्यादा आईपीएस पद 15 पश्चिम बंगाल में भरे जाएंगे। इसके बाद आंध्र प्रदेश और फिर उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा पद हैं। वहीं छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में कोई नियुक्ति नहीं होगी।

कैडर अलॉटमेंट में देरी
यह घोषणा कैडर अलॉटमेंट और सेवा अलॉटमेंट की समय-सीमा में देरी को लेकर चिंताओं के बाद की गई है। इस साल की शुरुआत में, उम्मीदवारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ा क्योंकि अलॉटमेंट प्रक्रिया में सामान्य से ज्यादा समय लगा, जिससे सिविल सेवा समुदाय में चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, ताजा अधिसूचना फाइनल कैडर अलॉटमेंट से ठीक पहले का एक कदम है।

UPSC कैडर अलॉटमेंट सिस्टम बदला
सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) की कैडर अलॉटमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी किए गए नए नियम, यूपीएससी सिविल सेवा के पुराने पांच जोनल सिस्टम को खत्म कर दिया है। IAS, IPS और IFoS अधिकारियों को अब चार ग्रुप वाले अलॉटमेंट सिस्टम के तहत कैडर दिया जाएगा। 2026 से IAS, IPS और भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारियों को उनके राज्य कैडर कैसे दिए
जाएंगे, इसमें अहम बदलाव होंगे। यूपीएससी कैडर के चार नए ग्रुप ये हैं-

    ग्रुप I: AGMUT, आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार और छत्तीसगढ़
    ग्रुप II: गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश
    ग्रुप III: महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और तमिलनाडु
    ग्रुप IV: तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल

बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट अप्रैल 2025 में घोषित किया गया था। IPS की उम्मीद रखने वाले UPSC उम्मीदवारों के लिए, रिक्तियों की कम संख्या समीकरण बदल देती है। कम सीटों का आम तौर पर मतलब होता है ज्यादा कॉम्पिटिशन, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो कट-ऑफ रैंक के करीब हैं।
 

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