मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा लक्ष्य, 2030 तक 5 अरब डॉलर निर्यात का टारगेट
उद्योग, कौशल और ग्लोबल बाजार को जोड़कर बनाया रोडमैप
भोपाल
मध्यप्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर में वर्ष 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसके लिए एक स्पष्ट और समग्र कार्ययोजना तैयार की है। इसी उद्देश्य से राज्य निर्यात कार्य योजना के अंतर्गत वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र पर राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक एमपीआईडीसी, भोपाल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने की।
बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधि निर्यात संवर्धन परिषदों, वित्तीय संस्थानों, एमएसएमई इकाइयों और पारंपरिक वस्त्र समूहों के प्रतिनिधियों ने राज्य की निर्यात क्षमता को सशक्त बनाने के लिए सुझाव दिए। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत के 100 अरब डॉलर टेक्सटाइल निर्यात लक्ष्य में मध्यप्रदेश की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये रणनीति बनाना था।
11 जिलों पर फोकस, उत्पादन से निर्यात तक पूरी रणनीति
राज्य में टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 11 जिलों को चिन्हित किया गया है। इनमें सीहोर, रायसेन, धार, इंदौर, खरगोन, उज्जैन और भोपाल को चैंपियन जिले तथा जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और बुरहानपुर को आकांक्षी जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन जिलों में उत्पादन, प्रोसेसिंग और निर्यात गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रणनीति बनाई गई।
पीएम मित्र पार्क से निवेश और रोजगार को बल
धार के पीएम मित्र पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति मिल रही है। यहां 38 कंपनियों द्वारा 21,500 करोड़ रूपए के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है, जिससे लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। यह विकास राज्य को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
कौशल विकास और नए निर्यातकों पर विशेष जोर
बैठक में यह तय किया गया कि राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को टेक्सटाइल सेक्टर के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए समर्थ 2.0, निफ्ट भोपाल के विस्तार और चैंपियन जिलों में नए प्रशिक्षण संस्थानों का उपयोग किया जाएगा। राज्य से एक हजार नए निर्यातकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला स्तरीय निर्यात समितियों, एक्ज़िम बैंक, ईसीजीसी और अन्य संस्थाओं के सहयोग से छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा।
लॉजिस्टिक्स और अधोसंरचना होगी मजबूत
निर्यात को आसान और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीथमपुर में नया इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किया जा रहा है और मण्डीदीप में मौजूदा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मित्र पार्क से इंदौर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है। राज्य में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां परीक्षण, डिजाइन और मूल्य संवर्धन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे एमएसएमई इकाइयों को गुणवत्ता सुधार में सहायता मिलेगी।
नई तकनीक और डिज़ाइन से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल इकाइयों में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल गुणवत्ता प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा। डिज़ाइन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए निफ्ट भोपाल में तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ फैशन और ब्रांडिंग आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो सके।
ग्लोबल बाजार और एफटीए का लाभ उठाने की रणनीति
राज्य ने अमेरिका, यूरोप, यूनाइटेड किंगडम, यूएई और जापान जैसे प्रमुख बाजारों को ध्यान में रखते हुए निर्यात रणनीति तैयार की है। यूके, यूएई, ईएफटीए और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए जिला स्तर पर उत्पाद मैपिंग और उद्योग समन्वय किया जाएगा।
पारंपरिक वस्त्रों को मिलेगा वैश्विक मंच
“टेक्सटाइल्स ऑफ एमपी” अभियान में चंदेरी, माहेश्वरी, बाग प्रिंट और बाटिक प्रिंट जैसे पारंपरिक उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग की जाएगी। इससे कारीगरों को नए बाजार मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
उद्योग की भागीदारी से तैयार हो रहा मजबूत तंत्र
बैठक में प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों, निर्यात परिषदों और उद्योग संगठनों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए। इससे राज्य में उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है, जो निर्यात वृद्धि के लिए आवश्यक है। प्राप्त सुझावों को राज्य निर्यात कार्य योजना में शामिल करते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की रणनीति को आगे बढ़ाते हुए टेक्सटाइल सेक्टर में राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा लक्ष्य, 2030 तक 5 अरब डॉलर निर्यात का टारगेट
मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा लक्ष्य, 2030 तक 5 अरब डॉलर निर्यात का टारगेट उद्योग, कौशल और ग्लोबल बाजार को जोड़कर बनाया रोडमैप भोपाल मध्यप्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर में वर्ष 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसके लिए एक स्पष्ट और समग्र कार्ययोजना तैयार की है। इसी उद्देश्य…

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