,

गिरिबाला सिंह से CBI के तीखे सवाल, शरीर पर चोट के निशानों को लेकर साधी चुप्पी

भोपाल. मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से पूछताछ का दायरा और तेज कर दिया है। 5 दिन की सीबीआई रिमांड के दौरान जांच एजेंसी कथित क्राइम सीन से छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप चैट और पोस्टमार्टम…

गिरिबाला सिंह से CBI के तीखे सवाल, शरीर पर चोट के निशानों को लेकर साधी चुप्पी

भोपाल.

मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से पूछताछ का दायरा और तेज कर दिया है। 5 दिन की सीबीआई रिमांड के दौरान जांच एजेंसी कथित क्राइम सीन से छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप चैट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों के निशानों को लेकर लगातार सवाल पूछ रही है।

इन तीखे सवालों के चक्रव्यूह में घिरीं पूर्व जज पूछताछ के दौरान काफी असहज नजर आईं और उन्होंने बेचैनी की शिकायत भी की है।

FIR के आरोपों पर स्पष्टीकरण और चोट के निशानों पर फोकस
सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व जज की भूमिका और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर अपनी जांच केंद्रित की है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: गंभीर आरोपों पर जवाब तलब: सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने गिरिबाला सिंह के सामने दर्ज एफआईआर (FIR) में लगाए गए आरोपों को रखकर स्पष्टीकरण मांगा है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि शिकायतकर्ता पक्ष (त्विषा के परिजनों) द्वारा लगाए गए आरोपों के बावजूद उनकी भूमिका को सीमित क्यों माना जाए।
शरीर पर मिली चोटों का सस्पेंस: पूछताछ के दौरान सीबीआई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों का हवाला देते हुए सीधा

सवाल किया कि त्विषा के शरीर पर मिले मृत्यु-पूर्व चोटों के निशान कैसे आए?
एजेंसी ने यह भी पूछा कि घटना के समय परिवार के कौन-कौन से सदस्य घर में मौजूद थे और क्या ये चोटें सामान्य परिस्थितियों में लग सकती थीं? इन सवालों पर गिरिबाला सिंह अधिकांश समय पूरी तरह खामोश रहीं।

डिजिटल साक्ष्य बने जांच का आधार; रिश्तों की कड़वाहट खंगाल रही CBI
जांच एजेंसी अब केवल बयानों पर निर्भर न रहकर तकनीकी और वैज्ञानिक सबूतों के जरिए सच का पता लगाने में जुटी है:
व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड: सीबीआई ने दोनों पक्षों के बीच हुए व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स को पूछताछ का प्रमुख आधार बनाया है। इसके जरिए शादी के बाद त्विषा और उसके ससुराल पक्ष के रिश्तों, कथित विवादों तथा मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों पर बारीकी से जानकारी जुटाई जा रही है। गर्भावस्था को लेकर दबाव के आरोप: त्विषा की प्रेग्नेंसी को लेकर परिवार में हुई चर्चाओं और उस पर कथित रूप से डाले जा रहे मानसिक दबाव के आरोपों को लेकर भी पूर्व जज से कई तीखे सवाल पूछे गए हैं।

पूर्व जज का दावा: गर्भपात के बाद डिप्रेशन में थीं त्विषा; जांच जारी
पूछताछ के दौरान पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने खुद पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने मामले में एक नई थ्योरी सामने रखते हुए दावा किया है कि गर्भपात (मिसकैरेज) होने के बाद त्विषा गहरे अवसाद (डिप्रेशन) की स्थिति में आ गई थीं, जिसके कारण संभवतः उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। सीबीआई पूर्व जज द्वारा किए गए इस डिप्रेशन और आत्महत्या की आशंका वाले दावे को अंतिम सच नहीं मान रही है। एजेंसी अब त्विषा के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड्स, संबंधित डॉक्टरों के बयानों और उपलब्ध फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस दावे की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports