इंडिया गठबंधन बैठक से पहले ममता की दिल्ली में सियासी सक्रियता तेज

पश्चिम बंगाल बंगाल का चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी का किला ध्वस्त हो चुका है। ममता ने न सिर्फ सत्ता गंवाई, बल्कि उनकी पार्टी, टीएमसी में भगदड़ मची हुई है। घर को बिखरता देख अब दीदी को इंडिया गठबंधन की याद सताने लगी हैं। वह दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में…

इंडिया गठबंधन बैठक से पहले ममता की दिल्ली में सियासी सक्रियता तेज

पश्चिम बंगाल
बंगाल का चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी का किला ध्वस्त हो चुका है। ममता ने न सिर्फ सत्ता गंवाई, बल्कि उनकी पार्टी, टीएमसी में भगदड़ मची हुई है। घर को बिखरता देख अब दीदी को इंडिया गठबंधन की याद सताने लगी हैं। वह दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने पहुंच रही हैं। बता दें कि एक वक्त था जब ममता ने इंडिया गठबंधन को दरकिनार किया था। लेकिन बदलते हालात में अपनी साख बचाने के लिए ममता बनर्जी अब फिर से इंडिया गठबंधन का सहारा लेती नजर आ सकती हैं। जानकारों के मुताबिक इस बैठक के जरिए ममता बनर्जी न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती हैं, बल्कि अपनी पार्टी के अंदर भी अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती हैं

अभिषेक पहले ही पहुंच चुके
गौरतलब है कि विपक्ष की बैठक 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली है। इस बैठक में टीएमसी चीफ ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के पहुंचने का अनुमान है। ममता बनर्जी के रविवार को दिल्ली पहुंचने और मंगलवार तक यहां रुकने का अनुमान है। वहीं, अभिषेक बनर्जी पहले ही राजधानी में पहुंच चुके हैं। ममता की दिल्ली यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब वह अपनी पार्टी के लिए रिकवरी का रास्ता तैयार कर रही हैं। बता दें कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ने 15 साल पुरानी सत्ता गंवा दी है। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को शिकस्त देकर बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल की है।

सोनिया से कर सकती हैं मुलाकात
बताया जाता है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ को मजबूत बनाना चाहती हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से यह बात कही है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली यात्रा के दौरान ममता सोनिया गांधी से मुलाकात के मौके भी तलाशेंगी। हालांकि गांधी परिवार की तरफ से इसको लेकर पुष्टि नहीं की गई है। असल में पिछले कुछ वक्त में टीएमसी और कांग्रेस के बीच रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा दरार तो इंडिया गठबंधन के नेतृत्व के फैसले को लेकर आई थी।

पुराने बयान भारी न पड़ जाएं
बंगाल के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहाकि जब ममता जीत रही थीं तो वह जो भी मन में आता था कांग्रेस के लिए बोल देती थीं। उन्होंने राहुल गांधी की भी आलोचना की और कांग्रेस नेतृत्व से इंडिया गठबंधन का नेतृत्व छीनने की भी कोशिश की। अब उनका खराब समय आया है तो कांग्रेस उनका साथ तो नहीं छोड़ेगी, लेकिन हम करीबी दोस्तों की तरह भी नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव किए हैं। इस बदलाव में अभिषेक बनर्जी तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने हुए हैं। लेकिन दो अन्य संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव के रूप में राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोना सेन को भी जोड़ा गया है। माना जा रहा है कि यह कदम डिसीजन मेकिंग का दायरा बढ़ाने और अभिषेक बनर्जी को लेकर बढ़ती आलोचना को देखते हुए उठाया गया है।

आठ जून को है बैठक
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आठ जून को होगी। इसमें नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, चुनाव से जुड़े मुद्दों तथा संसद के मानसून सत्र के लिए साझा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस की पहल पर हो रही इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने की कोशिश बताया जा रहा है। बैठक सोमवार आठ जून को यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा की है। आम आदमी पार्टी पहले ही इंडिया गठबंधन से दूरी बना चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल बैठक के एजेंडे और इसकी तैयारियों को लेकर विभिन्न विपक्षी नेताओं से लगातार संपर्क में है। विपक्षी दल जनता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और संसद से लेकर सड़क तक संयुक्त संघर्ष की रणनीति पर सहमति बनाने का प्रयास कर सकते हैं।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports