,

लंबे बिजली कट पर अब भरपाई करेगी कंपनी, 4 घंटे से अधिक बाधित रही सप्लाई तो मिलेगा हर्जाना

भोपाल  मध्य प्रदेश विद्युत विभाग ने जबलपुर में बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी खुशखबरी दी है। शहर में 4 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाएगा। बिजली सप्लाई बंद होने के कारणों का पता लगाने के बाद बिजली विभाग मुआवजे की राशि निर्धारित करेगा। प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं…

लंबे बिजली कट पर अब भरपाई करेगी कंपनी, 4 घंटे से अधिक बाधित रही सप्लाई तो मिलेगा हर्जाना

भोपाल 

मध्य प्रदेश विद्युत विभाग ने जबलपुर में बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी खुशखबरी दी है। शहर में 4 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाएगा। बिजली सप्लाई बंद होने के कारणों का पता लगाने के बाद बिजली विभाग मुआवजे की राशि निर्धारित करेगा।

प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में जल्द ही ऐसा नया नियम लागू होने वाला है, जिसके बाद बिना सूचना के होने वाली बिजली कटौती पर उपभोक्ताओं को मुआवजा पाने के लिए अलग से चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

बिजली कंपनी की गलती साबित होने पर मुआवजे की प्रक्रिया खुद-ब-खुद शुरू होगी। यानी अब घंटों बिजली गुल रहने और शिकायतों पर सुनवाई न होने की समस्या पर लगाम लग सकती है।

अब खुद मिलेगा मुआवजा
सरकार नया इलेक्ट्रिसिटी बिल, 2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 लेकर आ रही है। इसमें इस व्यवस्था को बहुत कड़ा और साफ कर दिया गया है। इस नए संशोधन बिल की धारा 58 में बदलाव करके बिजली सप्लाई की क्वालिटी और उसे ठीक करने का एक समय तय किया जा रहा है।

अच्छी बात यह है कि अब इसके लिए आपको दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। आपके इलाके में तय समय से ज्यादा देर तक बिजली कटी, तो मुआवजा अपने आप आपके बिजली खाते या अगले महीने के बिल में जोड़ दिया जाएगा। इससे बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

स्मार्ट मीटर से खुलेगी कंपनियों की पोल
अक्सर बिजली कंपनियां यह कहकर बच जाती हैं कि बिजली सिर्फ 10-15 मिनट के लिए ही कटी थी। अब ऐसा नहीं चल पाएगा। जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर लग रहे हैं, वहां बिजली कब कटी और कब वापस आई, इसका एक-एक सेकंड का डेटा सीधे कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज हो जाएगा।

इस डिजिटल रिकॉर्ड की वजह से कंपनियां झूठ नहीं बोल पाएंगी। साथ ही उपभोक्ताओं को उनका हक आसानी से मिल जाएगा।

अभी ऐसी स्थिति
अभी विद्युत (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 के तहत बिजली कंपनियों ने अघोषित या तय सीमा से ज्यादा बिजली कटौती पर उपभोक्ताओं को हर्जाना देने का प्रावधान तय किया है। सामान्य फॉल्ट जैसे फ्यूज उडना या तार टूटना को 1 से 3 घंटे के भीतर ठीक करना होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे का समय तय है। ट्रांसफार्मर जलने पर 12 घंटे में आपूर्ति का समय है। प्रतिघंटा 25 रुपए से 100 रुपए तक है।

इस संशोधन से स्मार्ट मीटर दिलाएगा मुआवजा
नए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 में इस व्यवस्था को और स्पष्ट बनाया जा रहा है। नए संशोधन बिल की धारा 58 में संशोधन के तहत बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और बहाली की बेसलाइन तय की जा रही है। स्मार्ट मीटर में क्षेत्र की बिजली कटौती का डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज होगा।

ग्रामीण इलाकों में 4 घंटे और शहरों में 2 घंटे के भीतर बिजली नहीं आई, तो स्वतः मुआवजा मिलना शुरू हो जाएगा, जो सीधे उनके बिजली खाते या अगले बिल में क्रेडिट होगा। बिल में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जहां-जहां स्मार्ट मीटर लग रहे हैं, वहां बिजली कटने और जुड़ने का समय सीधे कंप्यूटर में दर्ज होगा, जिससे कंपनियों को यह झूठ बोलने का मौका नहीं मिलेगा कि बिजली सिर्फ 10 मिनट के लिए कटी थी।

बिजली गुल हो तो ये रखें ध्यान
बिजली कटते ही तुरंत कंपनी के टोल-फ्री नंबर या वाट्सऐप पर शिकायत दर्ज कराएं और शिकायत नंबर रखें। बिजली कब कटी और कितने घंटे बाद आई, इसका रिकॉर्ड रखें। कंपनी तय समय से ज्यादा बिजली काटने के बाद भी बिल में मुआवजा नहीं जोड़ती। उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 45 दिनों में समस्या का समाधान करना अनिवार्य है।

बिजली सुधारने के लिए अभी के नियम?
विद्युत नियम, 2020 के तहत बिजली कंपनियों के लिए अलग-अलग तरह के फॉल्ट को ठीक करने का एक समय तय किया गया है। कंपनियां इस समय के अंदर बिजली बहाल नहीं कर पाती हैं, तो उन्हें हर घंटे के हिसाब से 25 रुपए से लेकर 100 रुपए तक का हर्जाना देना होगा।

खराबी का प्रकार  शहर के लिए समय सीमा  ग्रामीण क्षेत्र के लिए समय सीमा 
सामान्य फॉल्ट (जैसे- फ्यूज उड़ना या तार टूटना) 1 से 3 घंटे 4 घंटे
ट्रांसफार्मर जलना या खराब होना 12 घंटे 12 घंटे
बिना पूर्व सूचना के बिजली कटना 2 घंटे 4 घंटे

यदि आपके इलाके में बिना किसी पहली सूचना के 4 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति  बंद रहती है, तो आप अभी भी उपभोक्ता फोरम से मुआवजे की मांग कर सकते हैं।

बिजली गुल होने पर इन 4 बातों का रखें ध्यान

  • बिजली कटते ही सबसे पहले बिजली कंपनी के टोल-फ्री नंबर या व्हाट्सएप नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
  • शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाले कंप्लेंट नंबर को कहीं लिख कर सुरक्षित रख लें।
  • बिजली किस समय कटी थी और कितने घंटे बाद वापस आई। इसका अपने पास एक रिकॉर्ड जरूर रखें।
  • अगर कंपनी तय समय से ज्यादा बिजली काटने के बाद भी आपके बिल में मुआवजा नहीं जोड़ती है, तो बिजली उपभोक्ता, उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में अपनी शिकायत दे सकते हैं। इस फोरम के लिए 45 दिनों के भीतर आपकी समस्या का समाधान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सचिव उमाकांत पांड़ो ने कहा कि बिजली से जुड़े जो भी नियम तय हैं, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा।

नए बिजली बिल के तहत यदि उपभोक्ताओं को शिकायत करने या मुआवजा पाने का अधिकार मिलता है, तो पात्र लोगों को उसका फायदा जरूर दिया जाएगा।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports