,

84 घंटे तक उग्रवादियों से लोहा लेने वाले मेजर अर्शदीप गिल को मिला कीर्ति चक्र सम्मान

 मोहाली  सेक्टर 79 मोहाली के भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी मेजर अर्शदीप सिंह गिल को उनकी असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में प्रदान किया।…

84 घंटे तक उग्रवादियों से लोहा लेने वाले मेजर अर्शदीप गिल को मिला कीर्ति चक्र सम्मान

 मोहाली
 सेक्टर 79 मोहाली के भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी मेजर अर्शदीप सिंह गिल को उनकी असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में प्रदान किया।

मेजर अर्शदीप सिंह गिल, जो द आर्मर्ड कोर और 1 असम राइफल्स से संबद्ध हैं, ने मणिपुर में एक चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण सैन्य अभियान के दौरान अद्वितीय साहस, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। करीब 84 घंटे तक चले ऑपरेशन में उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सफल कार्रवाई को अंजाम दिया और मिशन को सफलता पूर्वक पूरा किया।

सेना के सूत्रों के अनुसार, अभियान के दौरान मेजर गिल ने विपरीत परिस्थितियों में भी असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। उनकी बहादुरी और समर्पण की देशभर में सराहना हो रही है।

मेजर अर्शदीप सिंह गिल की इस उपलब्धि से पंजाब सहित पूरे देश को गौरव की अनुभूति हुई है। उनके सम्मानित होने पर परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। सेना और सुरक्षा बलों से जुड़े अधिकारियों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। मेजर गिल की यह उपलब्धि देश सेवा, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की एक मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

ऑपरेशन की बड़ी बातें
मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ यह काउंटर-इंसरजेंसी ऑपरेशन करीब 84 घंटे (साढ़े तीन दिन) तक चला था। खतरनाक और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मेजर अर्शदीप ने अपनी टीम को आगे रहकर लीड किया और मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मेजर गिल 'द आर्मर्ड कॉर्प्स' के अधिकारी हैं और फिलहाल '1 असम राइफल्स' के साथ तैनात हैं।

पूरे पंजाब में गर्व का माहौल, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल
सेना के सूत्रों के मुताबिक, मेजर गिल ने बेहद खतरनाक हालातों में भी अद्वितीय पेशेवर कौशल और वीरता दिखाई। उनकी इस बहादुरी से न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब और देश का नाम रोशन हुआ है। सम्मान की खबर मिलते ही मेजर अर्शदीप के मोहाली स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रक्षा विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने इसे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरक मिसाल बताया है।

क्या है कीर्ति चक्र?
यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों के अलावा आम नागरिकों को भी असाधारण वीरता या आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है। वरीयता में यह 'अशोक चक्र' के बाद आता है।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed