जयपुर
राज्य जीएसटी, वाणिज्यिक कर विभाग, राजस्थान द्वारा कर चोरी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुख्यालय की प्रवर्तन शाखा-तृतीय, जयपुर द्वारा मैसर्स प्रेम ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड एवं उससे संबंधित चार अन्य फर्मों के कई ठिकानों पर सर्च कार्यवाही की गई।
समूह की फर्मों द्वारा मेहन्दी पाउडर, मेहन्दी कोन, हेयर कलर एवं अन्य ब्यूटी उत्पादों का विनिर्माण एवं व्यवसाय किया जा रहा है। इन फर्मों द्वारा स्थानीय स्तर पर सोजत, पाली से मेहंदी की खरीद की जाकर विभिन्न उत्पादों का विनिर्माण कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जाती है। विभाग को प्राप्त जानकारी के अनुसार इन फर्मों द्वारा विगत वर्षों में अपने परिवार समूह से जुड़ी संबंधित विभिन्न फर्मों से बिना माल की वास्तविक आपूर्ति प्राप्त किये अविधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त कर राज्य सरकार को करोड़ों रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई जा रही है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी का विभागीय जीएसटी पोर्टल पर विश्लेषण करने पर उक्त फर्मों द्वारा विगत 5 वर्षों में लगभग 35 करोड़ रुपये की कर चोरी करने की संभावना अनुमानित की गयी।
मुख्यालय की प्रवर्तन शाखा-तृतीय की पांच टीमें बनाकर इन फर्मों के पाली एवं जयपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ सर्च कार्यवाही संपादित की गयी। सर्च के दौरान समूह फर्मों की लेखा पुस्तकों में दर्ज स्टॉक एवं व्यवसाय स्थल पर मौजूद स्टॉक में अन्तर पाया गया जिस कारण व्यवसायी द्वारा 99.62 लाख रुपये की राशि राजकोष में जमा करवाई गई। प्रकरण में करापवंचन की दृष्टि से आगत कर की अनुज्ञेयता, स्टॉक में अंतर, राज्य के बाहर माल आपूर्ति के समर्थन में जारी ई-वे बिल एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन छानबीन एवं जांच की जा रही है।
















