यूरोप में नई पहल, महिला एथलीटों की गलत प्रस्तुति रोकेंगे कैमरे

नई दिल्ली  यूरोपीय एथलेटिक्स और यूरोपीय ब्रॉडकास्टिंग यूनियन ने महिला खिलाड़ियों के ब्रॉडकास्ट को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी किए हैं। इनका उद्देश्य कैमरा एंगल और रिप्ले के जरिए महिला एथलीटों के अनावश्यक सेक्सुअलाइजेशन को रोकना है। नई गाइडलाइंस के तरह यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इवेंट के दौरान कैमरा एंगल्स का इस्तेमाल महिला खिलाड़ियों के…

यूरोप में नई पहल, महिला एथलीटों की गलत प्रस्तुति रोकेंगे कैमरे

नई दिल्ली
 यूरोपीय एथलेटिक्स और यूरोपीय ब्रॉडकास्टिंग यूनियन ने महिला खिलाड़ियों के ब्रॉडकास्ट को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी किए हैं। इनका उद्देश्य कैमरा एंगल और रिप्ले के जरिए महिला एथलीटों के अनावश्यक सेक्सुअलाइजेशन को रोकना है। नई गाइडलाइंस के तरह यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इवेंट के दौरान कैमरा एंगल्स का इस्तेमाल महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर फोकस करेगा। ऐसे एंगल या रिप्ले को नहीं दिखाया जाएगा, जो महिला खिलाड़ियों को अनुचित या असहज तरीके से पेश करते हों।

यूरोपियन एथलेटिक्स के प्रेसिडेंट डोब्रोमिर करमारिनोव ने बुधवार को कहा, 'फिल्मिंग से जुड़े दिशा-निर्देश तैयार करना, हमारे खेलों में महिलाओं की नुकसानदेह छवि को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम है। साथ ही इससे कहानी कहने और तकनीकी उत्कृष्टता का स्तर भी ऊंचा बना रहेगा।'

एथलीट्स ने ही फीडबैक दिए
गाइडलाइन्स को एथलीट्स के फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है। 23 पेज के गाइडलाइंस को रेजिंग द बार नाम दिया गया है। एथलीट्स ने पिछले कुछ सालों में कई बार कैमरा एंगल को लेकर शिकायत की है। कुछ कैमरा शॉर्ट्स से उन्हें असहजता के साथ ही फोकस करने में परेशानी होती है। इसकी वजह से उनका ध्यान खेल और प्रदर्शन पर पूरी तरह फोकस नहीं रह पाता। ब्रॉडकास्टर्स को सलाह दी गई है कि वे शरीर के खास हिस्सों के लंबे क्लोज-अप शॉट्स, एथलीट्स के पीछे या नीचे से लिए गए लो-एंगल व्यूज और ऐसे स्लो-मोशन रीप्ले दिखाने से बचें। इससे खेल को समझने में ऑडियंस को कुछ खास मदद नहीं मिलती है।

चुनिंदा कैमरा एंगल और एडिटिंग के तरीकों से महिला एथलीटों को जिस तरह से सेक्सुअलाइज किया जाता है, वह एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

ब्रॉडकास्टर्स को सलाह दी गई है कि वे ऐसे वाइड कैमरा एंगल का इस्तेमाल करें जिनसे एथलीट की पूरी हरकत दिखे। इसमें रन-अप, टेक-ऑफ और लैंडिंग शामिल हों। उन्हें फोटो के जरिए उदाहरण भी दिए गए हैं, जिनसे पता चलता है कि कैमरे की कौन सी पोजिशन सही है और कौन सी नहीं।

ओलंपिक मेडलिस्ट ने इसपर क्या कहा?
पोल वॉल्ट में ओलंपिक मेडल जीत चुकीं ब्रिटेन की हॉली ब्रैडशॉ ने कहा कि कॉम्पिटिशन के दौरान कैमरे की जगह की वजह से उनका ध्यान भटकता है। एथलीट अपने इवेंट पर पूरी तरह ध्यान लगाने के बजाय, अजीब जगहों पर लगे कैमरों के प्रति सचेत हो सकते हैं। ब्रैडशॉ ने कॉम्पिटिशन के बाद होने वाली समस्याओं के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि स्लो-मोशन क्लिप्स को एडिट करके सोशल मीडिया पर इस तरह शेयर किया गया है, जिससे उन्हें अनचाही अटेंशन और बुरे कमेंट्स का सामना करना पड़ा।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports