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पंचकूला और कालका में लाख के करीब वोट कटे, राजनीतिक हलचल तेज हुई

पंचकूला विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आंकड़ों में बड़ा खुलासा हुआ है। पंचकूला विधानसभा क्षेत्र से 65,967 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कालका विधानसभा से 33,776 नाम विलोपित किए गए हैं। इस प्रकार पूरे जिले में कुल 99,743 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इतने बड़े…

पंचकूला और कालका में लाख के करीब वोट कटे, राजनीतिक हलचल तेज हुई

पंचकूला
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आंकड़ों में बड़ा खुलासा हुआ है। पंचकूला विधानसभा क्षेत्र से 65,967 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कालका विधानसभा से 33,776 नाम विलोपित किए गए हैं। इस प्रकार पूरे जिले में कुल 99,743 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

इतने बड़े पैमाने पर नाम हटने के बाद जिले में मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा ने जिला में 40 हजार फर्जी मतदाता होने का दावा किया था। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने वर्ष 2024 में चुनाव हारने के बाद न्यायालय में याचिका दाखिल करके भी इसी संख्या का उल्लेख किया था।

एसआईआर में फर्जी मतदाता होने के दावों से आंकड़ा 25 हजार अधिक है। वहीं 65967 मतदाता कम होने पर पंचकूला नगर निगम के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो सकता है, क्योंकि मतदाताओं की संख्या औसतन 3 लाख से कम हो गई है। कांग्रेस और इनेलो इस मुद्दे पर अंतिम सूची आने आने पर निर्णय लेगी।

पंचकूला एवं कालका में नाम हटे
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में बताया गया कि यह कार्रवाई भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए गए घर-घर सत्यापन के आधार पर की गई है।

आंकड़ों के अनुसार पंचकूला विधानसभा में 7,907 मृत मतदाता, 34,731 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 1,697 डुप्लीकेट प्रविष्टियां, 13,266 लंबे समय से अनुपस्थित तथा 8,366 अन्य कारणों से नाम हटाए गए।

दूसरी ओर कालका विधानसभा में 7,091 मृत, 11,986 स्थानांतरित, 1,708 डुप्लीकेट, 9,707 अनुपस्थित और 3,284 अन्य श्रेणी के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।

30 अगस्त तक कर सकते हैं दावा
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रारंभिक मतदाता सूची है और 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक कोई भी पात्र नागरिक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है।

जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फार्म-6 भरकर नया वोट बनवा सकते हैं, जबकि नाम, पता या अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए फार्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।

जिला उपायुक्त सतपाल शर्मा का कहना है कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की हार्ड कापी और साफ्ट कापी निशुल्क उपलब्ध कराई, ताकि वे सूची का परीक्षण कर समय रहते आवश्यक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकें। नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने और अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम मतदाता सूची में अवश्य जांच लें।

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