टेस्ट क्रिकेट पर रहाणे की चिंता, गंभीर को बताया मजबूत टीम बनाने का मंत्र

नई दिल्ली जिंक्य रहाणे ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। वह जुलाई 2023 से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। रहाणे ने अपने करियर में 85 टेस्ट खेले, जिसमें 38.46 के औसत से 5077 रन बनाए। रिटायरमेंट के बाद 38 वर्षीय रहामे ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर…

टेस्ट क्रिकेट पर रहाणे की चिंता, गंभीर को बताया मजबूत टीम बनाने का मंत्र

नई दिल्ली
जिंक्य रहाणे ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। वह जुलाई 2023 से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। रहाणे ने अपने करियर में 85 टेस्ट खेले, जिसमें 38.46 के औसत से 5077 रन बनाए। रिटायरमेंट के बाद 38 वर्षीय रहामे ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर एक बड़ा मैसेज दिया है। उन्होंने टेस्ट टीम में ज्यादा सीनियर खिलाड़ियों को रखने की सलाह दी है। गंभीर के दौर में भारत ने व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में दो साल में दो आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं लेकिन टेस्ट मैचों में भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। भारत को पिछले साल घर पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिालफ टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। इंग्लैंड में सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही थी। रहाणे का मानना है कि कई अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट रिटायरमेंट से टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ा है।

'टीम को घर पर भी हारते हुए देख रहा'
रहाणे ने 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट पर कहा, ''मैं पिछले दो साल से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहा था तो मैं घर पर बैठा था। मैंने टीम इंडिया को भारत में भी मैच हारते हुए देखा। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में दमदार खिलाड़ी होना चाहिए। आपको ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना होगा और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना होगा। यह जरूरी है। आप ज्यादातर टीमों को किसी मुश्किल सेशन में डटकर खेलते हुए नहीं देखते हैं। मैं किसी टीम का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन आप देखना चाहते हैं कि खिलाड़ी मुश्किल सेशन डटकर मुकाबला करेंग। मैं उनके (गौतम गंभीर) साथ खेला हूं। जब वह कोच थे तब मैं कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ नहीं था। जब वह कोच थे तब मैं उनके अंडर कभी नहीं खेला। जब हम यहां (इंग्लैंड) आए थे, और भारत में भी तब हम साथ खेले थे। लेकिन मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट सेशन दर सेशन खेलने के बारे में है। आप मुश्किल हालात का सब्र के साथ सामना करें।''

ह महीने के अंदर रिटायर हुए ये प्लेयर
रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में भारत के प्रदर्शन में गिरावट का दूसरा कारण तेजी से किए ट्रांजिशन को करार दिया। छह महीने के अंदर रविचंद्रन अश्विन, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों ने टेस्ट से रिटायरमेंट लिया था। रहाणे ने हालांकि किसी एक का नाम नहीं लिया लेकिन टेस्ट में युवाओं की तुलना में ज्यादा सीनियर क्रिकेटरों के होने की अहमियत पर जोर दिया। मौजूदा भारतीय टीम में से केवल रवींद्र जडेजा, केएल राहुल, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह ने ही 50 या उससे ज्यादा टेस्ट खेले हैं। उन्होंने कहा, ''टेस्ट क्रिकेट के फैंस ही असली क्रिकेट प्रेमी होते हैं। पिछले दो सालों को छोड़ दें, जब टेस्ट क्रिकेट में नए खिलाड़ी आए तो मेरा अब भी मानना है कि टेस्ट टीम को 7-8 सीनियर खिलाड़ी और 2-3 युवा खिलाड़ी की जरूरत होती है। अब हम जो देख रहे हैं, लगभग सभी खिलाड़ी नए हैं। टीम में शुश्किल से कोई सीनियर क्रिकेटर बचा है। टेस्ट क्रिकेट को सीनियर खिलाड़ियों की जरूरत है।''

'आपको सीनियर का सम्मान करना होगा'
उन्होंने आगे कहा, ''सच कहूं तो, हां मुझे टेस्ट क्रिकेट के भविष्य की चिंता है। क्योंकि जिस तरह से यह चल रहा है, हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट बचा रहे। भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका जैसी टीमें इसे आगे बढ़ाती रहें।। क्योंकि मैंने पिछले 2-3 सालों में जो देखा है तो मुझ लगता है कि आपको सीनियर खिलाड़ियों को बनाए रखना और उनका सम्मान करना होगा। खासकर तौर पर भारतीय टीम में, लगभग सभी सीनियर खिलाड़ी एकसाथ बाहर चले गए, जिससे दिक्कत हुई।'' भारत को अब 15 अगस्त से श्रीलंका की धरती पर दो टेस्ट मैच खेलने हैं। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का हिस्सा है। भारत अंक तालिका में पांचवें पायदान पर है। भारत को अंक तालिका में ऊपर बढ़ने और डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदना रखने के लिए श्रीलंका को रौंदना जरूरी है।

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