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मांगों पर अड़े पटवारी, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; सात सूत्रीय मांगों पर आर-पार की लड़ाई

कटनी  में पटवारी संघ अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। कलेक्ट्रेट के बाहर जिले भर के पटवारी गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। पटवारी संघ का कहना है कि उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। पटवारी संघ की 7 मुख्य मांगों में सालों…

मांगों पर अड़े पटवारी, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; सात सूत्रीय मांगों पर आर-पार की लड़ाई

कटनी 
में पटवारी संघ अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। कलेक्ट्रेट के बाहर जिले भर के पटवारी गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। पटवारी संघ का कहना है कि उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। पटवारी संघ की 7 मुख्य मांगों में सालों से अटका कैडर रिव्यू प्रस्ताव तत्काल लागू करना और वेतन की गड़बड़ी दूर करना शामिल है। इसके अलावा वे सीनियरिटी और सेवा अवधि के आधार पर प्रमोशन की मांग कर रहे।  पिछले 10 सालों से रुकी हुई विभागीय परीक्षाएं नियमित कराई जाएं। पीएससी के उच्च राजस्व पदों में पटवारियों के लिए कोटा तय किया जाने, संघ पदाधिकारियों के किए गए ट्रांसफर रद्द किए जाने, कृषि संगणना, जनगणना, किसान आईडी कैंप और लैपटॉप सुधार के बाकी पैसों का तत्काल भुगतान करने, बिना कारण बताए नोटिस के बिना किए जा रहे निलंबन  पर रोक लगाने की मांग शामिल है। पटवारियों की मांग है कि बारिश के मौसम में जियो-फेन्सिंग से गिरदावरी कराने का फैसला टाला जाए और कोई व्यावहारिक तरीका निकाला जाए, क्योंकि इससे जान का खतरा रहता है। पटवारियों ने साफ किया है कि वे जनता या प्रशासन को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार की बेरुखी की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।  उन्होंने चेतावनी दी है कि हड़ताल से राजस्व का काम ठप होने या बारिश में गिरदावरी के दौरान कोई हादसा होने पर पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।

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