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बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा उफान पर, जबलपुर में 10 फीट बढ़ा जलस्तर; रेल सुरक्षा बढ़ी

जबलपुर  अंचल में निरंतर बारिश के दौरान यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए जबलपुर मंडल ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां की हैं। भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और मिट्टी के कटाव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संवेदनशील रेल संपत्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर 109 रेल…

बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा उफान पर, जबलपुर में 10 फीट बढ़ा जलस्तर; रेल सुरक्षा बढ़ी

जबलपुर
 अंचल में निरंतर बारिश के दौरान यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए जबलपुर मंडल ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां की हैं। भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और मिट्टी के कटाव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संवेदनशील रेल संपत्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

संवेदनशील स्थानों पर 109 रेल कर्मचारियों की तैनाती
    मंडल के महत्वपूर्ण पुलों, कटिंग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर 109 रेल कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मानसून पेट्रोलमैन और स्टेशनरी वाचमैन भारी बारिश के दौरान तथा उसके बाद ट्रैक की लगातार निगरानी कर रहे हैं। ट्रैक धंसने, गिट्टी बहने, जलभराव और तटबंध के कटाव जैसी स्थिति की तत्काल सूचना अधिकारियों और कंट्रोल कार्यालय को दी जा रही है।

पेट्रोलिंग की निगरानी जीपीएस डिवाइस से की जा रही है। महत्वपूर्ण पुलों पर वाटर लेवल मानिटरिंग सिस्टम से जलस्तर की रियल टाइम निगरानी हो रही है। चुनिंदा स्टेशनों पर हवा की गति मापने के लिए एनीमोमीटर लगाए गए हैं। पुलों, पुलियाओं, तटबंधों और कटिंग स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुदृढ़ीकरण किया गया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए गिट्टी, पत्थर, रेत की बोरियां, स्लीपर, रेल और जरूरी उपकरण भी रणनीतिक स्थानों पर उपलब्ध रखे गए हैं। मौसम विभाग, बरगी बांध प्राधिकरण, जिला प्रशासन तथा रेलवे के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अधिकारियों और रखरखाव टीमों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

10 फीट तक बढ़ा नर्मदा का जलस्तर
    बरगी बांध के 13 जलद्वारों से शनिवार को तीसरे दिन भी 4032 क्यूमेक पानी की निकासी होती रही। लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नर्मदा उफान पर है। ऐसे में ग्वारीघाट में उमाघाट, दरोगाघाट, सिद्धघाट, नाव घाट जलमग्न हो गए हैं। घाट किनारे बनी होटलें भी पूरी तरह से डूब चुकी हैं। नागमंदिर तक पानी पहुंच जाने से घाट पर लगने वाली प्रसाद की दुकानें ऊपर चौक पर लग रही हैं।

    नर्मदा का जलस्तर करीब 10 फीट तक बढ़ चुका है। मानसून सीजन में ये दूसरी बार है जब नर्मदा का विकराल रूप नजर आया है। इसके पूर्व 19 अगस्त 2026 को बरगी के द्वार खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर बढ़ा था। वहीं नर्मदा का रौद्र रूप तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट में भी देखने मिल रहा है। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने और पानी तेज बहाव का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग ग्वारीघाट, भेड़ाघाट पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए होमगार्डों की तैनाती की गई है।

भारी बारिश के आसार कम रिमझिम जारी रहेगी
    माह के शुरुआती दिनों में बरसने वाले बादल अब आ
गे बढ़ गए हैं। इसी के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर भी समाप्त हो गया है। अगले चार दिनों तक भारी बारिश के आसार कम ही हैं। हालांकि वर्तमान में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से जबलपुर सहित संभाग के जिलों में रिमझिम बारिश का दौर जारी रहेगा।

    कहीं-कहीं तेज हवा के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र शनिवार को कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान इसी क्षेत्र में लगभग स्थिर बना रहेगा।

 

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