ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को दुनिया की कमान जेन अल्फा के हाथों में नजर आई। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ‘विकसित भारत मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN)’ में कक्षा 9 से 12 तक के 14 विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए वैश्विक व्यापार, विश्व अर्थव्यवस्था, तकनीक और बदलती वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए महज एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक व्यापार और नीति निर्माण की जटिलताओं को समझने का व्यावहारिक मंच भी बना। विद्यार्थियों ने संबंधित देशों की व्यापार नीतियों और वैश्विक मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को समझते हुए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संवाद, तर्क-वितर्क एवं सहमति निर्माण की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त किया।
‘विकसित भारत 2047’ बना संवाद का केंद्र
मॉडल यूनाइटेड नेशंस का मुख्य विषय ‘विकसित भारत 2047’ रहा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह समझाना था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस तरह काम करती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े निर्णय किस प्रकार देशों की अर्थव्यवस्था, उद्योग और आपूर्ति शृंखला को प्रभावित करते हैं।
विद्यार्थियों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक व्यापार व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। तकनीक और वैश्वीकरण के बढ़ते प्रभाव के बीच सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट, डिजिटल ट्रेड पर मोरेटोरियम, रूल्स ऑफ ओरिजिन, ऑटोमेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई-कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विषय चर्चा के केंद्र में रहे।
दुनिया की अर्थव्यवस्था को समझा, देशों का पक्ष रखा
एमयूएन की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को केवल किसी देश का प्रतिनिधि बनकर अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें संबंधित देश की आर्थिक परिस्थितियों, व्यापार नीति और वैश्विक मुद्दों पर उसके रुख को समझने के बाद अपनी स्थिति प्रस्तुत करनी थी। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी मुद्दे पर निर्णय केवल एक देश के हित से नहीं, बल्कि अनेक देशों के हितों, आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रभावित होता है। तर्क, संवाद और कूटनीतिक तरीके से अपनी बात रखने की इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में पब्लिक स्पीकिंग, रिसर्च, क्रिटिकल थिंकिंग, नेगोशिएशन और निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा दिया।
ट्रेड शो बना कक्षा से वैश्विक मंच तक का सेतु
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे निकलकर वैश्विक व्यापार की वास्तविक दुनिया को समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी उत्पाद के निर्माण से लेकर उसके दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचने में वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीक, व्यापार समझौते और नीतियां किस प्रकार भूमिका निभाती हैं।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए विभिन्न पवेलियन का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रदेश के उद्योग, निवेश, निर्यात, तकनीक, हस्तशिल्प, संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से देखा। इससे उन्हें उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ-साथ देश और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर भी मिला।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने और चर्चा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को ‘बेस्ट डेलीगेट’, ‘हाई कमेंडेशन’ और ‘स्पेशल मेंशन’ जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में रायन इंटरनेशनल स्कूल, एस्टर पब्लिक स्कूल, स्पर्श इंटरनेशनल स्कूल, जेएम इंटरनेशनल स्कूल, खेतान स्कूल, भारत राम ग्लोबल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नारायणा स्कूल, असीसी कॉन्वेंट स्कूल, एमसी गोपीचंद इंटर कॉलेज, जागरण पब्लिक स्कूल और समरविल स्कूल समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
नई पीढ़ी को वैश्विक दृष्टि देने की पहल
आयोजन के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को नई पीढ़ी के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। वैश्विक व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर संवाद ने विद्यार्थियों को भविष्य की अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर से परिचित कराया।
ट्रेड शो में आयोजित यह मॉडल यूनाइटेड नेशंस इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि विद्यार्थियों को पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजन के बीच बैठकर उन विषयों पर विचार रखने का अवसर मिला, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
स्वागत उद्बोधन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतम बुद्ध नगर चंद्रशेखर के स्वागत उद्बोधन से हुई। इस अवसर पर रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने उनका सम्मान किया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे आयोजन को संवाद, विचार और सीखने के जीवंत मंच में बदल दिया।
















