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मशरूम से अगरबत्ती-साबुन तक का कारोबार, डोंगरगढ़ की दिनेश्वरी बनीं लखपति दीदी

लखपति दीदी डोंगरगढ़ की दिनेश्वरी सोरी ने 'बिहान' योजना से बदली तकदीर मशरूम उत्पादन से लेकर अगरबत्ती, साबुन और गोबर के दीये निर्माण तक कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ाई आय रायपुर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में स्वसहायता समूह किस प्रकार मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, इसकी एक…

मशरूम से अगरबत्ती-साबुन तक का कारोबार, डोंगरगढ़ की दिनेश्वरी बनीं लखपति दीदी

लखपति दीदी डोंगरगढ़ की दिनेश्वरी सोरी ने 'बिहान' योजना से बदली तकदीर

मशरूम उत्पादन से लेकर अगरबत्ती, साबुन और गोबर के दीये निर्माण तक कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ाई आय

रायपुर
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में स्वसहायता समूह किस प्रकार मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम धनडोंगरी की लखपति दीदी श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ने पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने सामान्य गृहिणी से लेकर एक सफल स्वरोजगार संचालक बनने का सफर तय किया है।

समूह के सहयोग से शुरू किया कारोबार

         श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ‘जय सेवा जय बूढ़ा देव स्वसहायता समूह’ से जुड़ीं। शुरुआती दौर में पूंजी की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन समूह और ग्राम संगठन से मिले वित्तीय सहयोग ने उनकी राह आसान कर दी। समूह से प्राप्त ऋण और अनुदान की मदद से उन्होंने अगरबत्ती बनाने की मशीन खरीदी और व्यवस्थित उत्पादन शुरू किया। इसके बाद बैंक से एक लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर उन्होंने अपने कारोबार का और विस्तार किया।

इन उत्पादों से हो रही है बंपर कमाई

        स्थानीय बाजार की मांग और अपनी रुचि को ध्यान में रखते हुए श्रीमती सोरी ने कई आजीविका गतिविधियों को एक साथ अपनाया है। वर्तमान में वे मशरूम उत्पादन, अगरबत्ती और साबुन निर्माण, निरमा, गुलाल और मोमबत्ती, गोबर के दीये और चूड़ी निर्माण संबंधी उत्पादों का निर्माण कर रही हैं।

वार्षिक आय हुई डेढ़ लाख रुपये

          बिहान योजना से जुड़ने से पहले उनका परिवार मुख्य रूप से कृषि और मजदूरी पर निर्भर था, जिससे वार्षिक पारिवारिक आय महज 52 हजार रुपये थी। लेकिन स्वरोजगार के नए साधन विकसित होने से अब उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये हो गई है। नियमित आमदनी होने से न केवल परिवार की दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं, बल्कि आर्थिक स्थिति भी बेहद मजबूत हुई है।

           श्रीमती दिनेश्वरी की यह सफलता आज ग्रामीण इलाके की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने और मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।

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