,

जल की हर बूंद सहेजने की मुहिम, ग्रामीणों को मिल रहा स्थानीय रोजगार

रायपुर जशपुर जिले में वर्षा जल को सहेजने, भू-जल संवर्धन और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है। वी बी जी राम जी योजना के अंतर्गत मनोरा जनपद की ग्राम पंचायत ओरडीह एवं आश्रित ग्राम आराकोना में जल संरक्षण…

जल की हर बूंद सहेजने की मुहिम, ग्रामीणों को मिल रहा स्थानीय रोजगार

रायपुर

जशपुर जिले में वर्षा जल को सहेजने, भू-जल संवर्धन और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है। वी बी जी राम जी योजना के अंतर्गत मनोरा जनपद की ग्राम पंचायत ओरडीह एवं आश्रित ग्राम आराकोना में जल संरक्षण की विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

इन कार्यों के माध्यम से वर्षा के पानी को गांव में ही अधिक से अधिक रोकने, पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने, मिट्टी के कटाव को कम करने और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।

ओरडीह और आराकोना में 3800 कंटूर ट्रेंच का निर्माण

जल संरक्षण की दिशा में आराकोना में 1700 और ओरडीह में 2100 सहित कुल 3800 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 5 आजीविका डबरी और 10 गैबियन संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ओरडीह में 10 एलबीसीडी का कार्य भी पूर्ण हो गया है।

आराकोना के लोहड़ा नाला में 10 बोल्डर चेकडैम बनाए जाने हैं, जिनमें से 6 का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगतिरत हैं। अलग-अलग प्रकृति की इन जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप वर्षा जल को रोकने और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में सहेजने की पहल

कंटूर ट्रेंच, गैबियन और बोल्डर चेकडैम जैसी संरचनाएं वर्षा जल के बहाव की गति को कम कर पानी को स्थानीय स्तर पर रोकने में सहायक होती हैं। इससे मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने के साथ भू-जल पुनर्भरण और आसपास के क्षेत्रों में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। इसका लाभ आगे चलकर खेती और अन्य आजीविका गतिविधियों में भी मिल सकता है।

वहीं आजीविका डबरी ग्रामीण परिवारों के लिए जल संरक्षण के साथ सिंचाई, मछलीपालन एवं अन्य आयमूलक गतिविधियों का आधार बन सकती है। इस तरह जल संरक्षण के लिए तैयार की जा रही संरचनाएं प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ा रही हैं।

जल संरक्षण के साथ गांव में ही मिल रहा रोजगार

जल संवर्धन के इन कार्यों की एक महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी से उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे एक ओर वर्षा जल को सहेजने के लिए स्थायी परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका को भी सहारा मिल रहा है।

जिले में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप जल संरक्षण कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। ओरडीह और आराकोना में किए जा रहे ये प्रयास वर्षा जल की हर बूंद को सहेजकर गांवों को जल की दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने तथा जल संरक्षण को रोजगार और आजीविका से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports