,

हरियाणा में 10वीं-12वीं के रिजल्ट सुधारने की तैयारी, 50% से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन में होंगे शामिल

चंडीगढ़ हरियाणा में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन वाले सरकारी स्कूल सरकार के रडार पर हैं। बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने मिशन ‘सफलता’ शुरू किया है। प्रत्येक ब्लॉक में सबसे कमजोर तीन स्कूलों की पहचान कर यहां पढ़ाई का स्तर सुधारने पर फोकस किया जाएगा। मिशन ‘सफलता’…

हरियाणा में 10वीं-12वीं के रिजल्ट सुधारने की तैयारी, 50% से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन में होंगे शामिल

चंडीगढ़
हरियाणा में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन वाले सरकारी स्कूल सरकार के रडार पर हैं। बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने मिशन ‘सफलता’ शुरू किया है। प्रत्येक ब्लॉक में सबसे कमजोर तीन स्कूलों की पहचान कर यहां पढ़ाई का स्तर सुधारने पर फोकस किया जाएगा।

मिशन ‘सफलता’ (स्टूडेंट अचीवमेंट फोकस्ड एकेडमिक लर्निंग टारगेटेड एक्शन प्लान) के तहत विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को मिशन को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने और कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।

विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, सीखने में आ रही कमियों और विषयवार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं, मार्गदर्शन, परामर्श और बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जरूरतमंद विद्यार्थियों के अभिभावकों से भी लगातार संपर्क रखा जाएगा।

मिशन के तहत मिड-टर्म परीक्षा के परिणामों के आधार पर स्कूलों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन, 50 से 80 फीसद परिणाम वाले स्कूल येलो जोन और 80 फीसद से अधिक परिणाम वाले स्कूल ग्रीन जोन में रखे जाएंगे। रेड जोन के स्कूलों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। यहां डाइट के अधिकारियों को हर दो सप्ताह में दौरा कर मार्गदर्शन देने और लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

येलो जोन के स्कूलों की समीक्षा हर महीने जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे। इनका परिणाम ग्रीन जोन तक पहुंचाने के लिए लक्षित रणनीति अपनाई जाएगी। ग्रीन जोन के स्कूलों के प्रदर्शन को बनाए रखने के साथ उन्हें शत-प्रतिशत परिणाम की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और शिक्षकों के अनुभव भी दूसरे स्कूलों के साथ साझा किए जाएंगे।

अर्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर मुख्य विषयों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद जिन विद्यार्थियों में सीखने की कमियां सामने आएंगी, उनके लिए लक्षित रेमेडियल कक्षाएं जारी रहेंगी।

    बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए मिशन ‘सफलता’ शुरू।
    प्रत्येक ब्लॉक में सबसे कमजोर तीन स्कूलों की होगी पहचान।
    50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूल रेड जोन में -नियमित निरीक्षण करेंगे डाइट के अधिकारी, कमजोर विद्यार्थियों की लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं।

मिशन के तहत की जाएगी शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों की पहचान, बनाएंगे प्रेरणास्रोत

मिशन के तहत उन शिक्षकों की पहचान की जाएगी, जो लगातार शत-प्रतिशत परिणाम दे रहे हैं। इनके अनुभव साझा करने के लिए प्रत्येक तिमाही में जिला स्तर पर विषयवार एक से दो दिन की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

50 फीसदी या इससे कम परिणाम वाले शिक्षकों के लिए इन कार्यशालाओं में भागीदारी अनिवार्य होगी। इनमें कक्षा प्रबंधन, पढ़ाने की अलग-अलग तकनीकों और कठिन विषयों की पाठ योजना पर चर्चा की जाएगी।
एक जनवरी से बोर्ड परीक्षाओं तक गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक के निर्देश

दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए एक जनवरी से बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने तक गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें गणतंत्र दिवस समारोह को अपवाद रखा गया है।

इन कक्षाओं से जुड़े शिक्षकों को भी इस अवधि में गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से मुक्त रखने को कहा गया है, ताकि पढ़ाई, दोहराई, शंकाओं का समाधान और परीक्षा की तैयारी बिना रुकावट जारी रह सके।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports