हांसी.
उम्र के जिस पड़ाव पर लोग पढ़ाई से दूरी बना लेते हैं, वहां बीड़ के 75 वर्षीय जयराम और 71 वर्षीय चंद्रो ने रविवार को परीक्षा केंद्र पहुंचकर नई मिसाल पेश की। उल्लास कार्यक्रम के पांचवें चरण की पढ़ने-लिखने और आसान गणना की परीक्षा में महिलाओं तथा बुजुर्गों ने उत्साह से भाग लिया।
जिले में 425 निरक्षर लोगों की पहचान कर उनका पोर्टल पर पंजीकरण किया गया था। परीक्षार्थियों को घर के नजदीक सुविधा देने के लिए 277 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। हांसी शहर में तीन केंद्रों पर परीक्षा रखी गई थी। दैनिक जागरण की टीम दोपहर एक बजे गवर्नमेंट हाई स्कूल और लाल सड़क स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंची तो दोनों पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह कुछ लोग परीक्षा देने आए थे, लेकिन बाद में स्कूल बंद कर दिया गया।
नोडल अधिकारी राममेहर के अनुसार दोनों केंद्रों पर 15 लोगों को परीक्षा देनी थी। इनमें 11 ने परीक्षा दी, जबकि चार अनुपस्थित रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने बढ़-चढ़कर परीक्षा में भाग लिया। स्वयंसेवी शिक्षकों को पंजीकृत लोगों से संपर्क कर उन्हें केंद्र तक लाने और परीक्षा की प्रक्रिया समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
















