होर्मुज संकट ने बिगाड़ा ट्रंप का तेल गेम, अमेरिका में डीजल 6.49 डॉलर प्रति गैलन पहुंचा

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बीते दिनों एक बयान देते हुए कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला की तरह ईरान में बने रहने और तेल का खजाना अपने पास रखने का फैसला कर सकता है. लेकिन ट्रंप का ये तेल का खेल उनके लिए बड़ी टेंशन का सबब बनता जा रहा है. दरअसल,…

होर्मुज संकट ने बिगाड़ा ट्रंप का तेल गेम, अमेरिका में डीजल 6.49 डॉलर प्रति गैलन पहुंचा

नई दिल्ली
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बीते दिनों एक बयान देते हुए कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला की तरह ईरान में बने रहने और तेल का खजाना अपने पास रखने का फैसला कर सकता है. लेकिन ट्रंप का ये तेल का खेल उनके लिए बड़ी टेंशन का सबब बनता जा रहा है. दरअसल, ईरान युद्ध से बिगड़े हालातों के बीच अमेरिका में डीजल की कीमतें अब नए रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई हैं. बीते हफ्तेभर में ही US Diesel Price में बड़ा उछाल आया है, जो देश में महंगाई का जोखिम बढ़ा रहा है.

ईरान-होर्मुज ने बिगाड़ा ट्रंप का खेल
ईरान से जंग और होर्मुज संकट ने मिलकर अमेरिका की ही तेल निकाल दिया है. अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के अनुसार, 19 सितंबर को डीजल की राष्ट्रीय औसत कीमत 6.4866 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जो पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गई. एक सप्ताह पहले यह कीमत 6.16 डॉलर थी. इसका मतलब है कि सिर्फ एक सप्ताह में डीजल की कीमत में लगभग 33 सेंट या 5.3% की बढ़ोतरी (US Diesel Price Hike) हुई है.

सालभर में 75% महंगा हुआ डीजल
AAA के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि डीजल के दाम में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब Diesel Price एक साल पहले की तुलना में लगभग 75% अधिक महंगा हो चुका है, जब राष्ट्रीय औसत कीमत 3.71 डॉलर थी. अमेरिका और इजरायल ने पहली बार ईरान पर 28 फरवरी को हमला किया था और इसके बाद जैसे-जैसे युद्ध बढ़ा डीजल का दाम ट्रंप की टेंशन भी बढ़ाता चला गया.

AAA का डेटा देखें, तो US-Iran War शुरू होने से ऐन पहले से पहले यानी 27 फरवरी को डीजल 3.75 डॉलर प्रति गैलन था, जबकि 19 सितंबर के रिकॉर्ड 6.49 डॉलर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि अमेरिका में डीजल का एक आम ग्राहक अब होर्मुज संकट से ठीक पहले की तुलना में प्रति गैलन लगभग 73% अधिक पेमेंट करने को मजबूर है.

कैलिफोर्निया अमेरिका का सबसे महंगा फ्यूल मार्केट बन गया है. एएए के मुताबिक, राज्य में डीजल की औसत कीमत 8.4161 डॉलर प्रति गैलन है, डीजल की कीमत राष्ट्रीय औसत से लगभग 2 डॉलर प्रति गैलन ज्यादा है.

Hormuz बना ट्रंप की टेंशन
अमेरिका में डीजल की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने से अमेरिकी उपभोक्ताओं, ट्रक चालकों, किसानों और व्यवसायों पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास लंबे समय से जारी संकट ने ग्लोबल फ्यूल सप्लाई को प्रभावित किया है और अमेरिका पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिला है.

Hormuz ही ट्रंप के टेंशन की सबसे बड़ी वजह बना हुई, जो 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान संघर्ष के शुरू होने के बाद से बुरी तरह से बाधित है. दुनिया की कुल तेल जरूरत के 20 फीसदी को पूरा करने के लिए जिम्मेदार इस समुद्री तेल रूट को ईरान ने बंद किया हुआ है. इससे Global Oil-Gas Supply का पांचवां हिस्सा ठप है. रॉयटर्स ने मार्च की रिपोर्ट पर गौर करें, तो में युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट के खाड़ी क्षेत्र के 8 प्रमुख उत्पादक देशों से तेल निर्यात फरवरी के स्तर से कम से कम 60% गिर गया था. तो दूसरी ओर रूसी रिफाइनरियों पर हमलों और मध्य पूर्वी देशों के रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में आई रुकावटों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.

दूसरों को सप्लाई कर खुद परेशान
ग्लोबल ऑयल क्राइसिस के बीच अमेरिका उन बाजारों के लिए रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा, जो कमी का सामना कर रहे हैं, लेकिन द वॉल स्ट्रीट जर्नल की मानें, तो इससे खुद अमेरिका के घरेलू डीजल भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन का कहना है कि डीजल की कीमतें अब सिर्फ कच्चे तेल की कीमतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्रूड की लागत, रिफाइनिंग मार्जिन, डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट, टैक्स और डीजल के 'क्रैक स्प्रेड' यानी कच्चे तेल की इनपुट लागत और थोक डीजल कीमतों के बीच के अंतर को दर्शाती हैं. ग्लोबली डिस्टिलेट की सीमित आपूर्ति और Crude Price Hike ने तेल की लागत और रिफाइनिंग मार्जिन दोनों को बढ़ाया है.

महंगाई का बढ़ा खतरा
डीजल का महत्व सिर्फ ईंधन टैंक तक ही सीमित नहीं है. यह भारी ट्रकों, ट्रेनों, कृषि मशीनों और मछली पकड़ने वाली नावों समेत अमेरिकी माल ढुलाई नेटवर्क के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करता है. यही कारण है कि डीजल संकट अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है, इसकी कीमतों में बढ़ोतरी माल ढुलाई दरों, कृषि लागत, खाद्य पदार्थों की कीमतें, औद्योगिक लागत और आखिर में उपभोक्ता पर महंगाई का बोझ बढ़ाती हैं.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports