,

जमशेदपुर की वैश्विक औद्योगिक पहचान बरकरार, ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में मिली 844वीं रैंक

जमशेदपुर  स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक पहचान दर्ज करायी है. वैश्विक आर्थिक थिंक टैंक ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में जमशेदपुर को दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की सूची में 844वां स्थान मिला है. रिपोर्ट में जमशेदपुर को एक स्थापित इंडस्ट्रियल…

जमशेदपुर की वैश्विक औद्योगिक पहचान बरकरार, ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में मिली 844वीं रैंक

जमशेदपुर
 स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक पहचान दर्ज करायी है. वैश्विक आर्थिक थिंक टैंक ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में जमशेदपुर को दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की सूची में 844वां स्थान मिला है. रिपोर्ट में जमशेदपुर को एक स्थापित इंडस्ट्रियल हब के रूप में जगह दी गयी है.

जमशेदपुर की पहचान मुख्य रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल और कोर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में दर्ज की गयी है. शहर की औद्योगिक ताकत के बावजूद इसकी वैश्विक रैंकिंग में बड़ा उछाल नहीं आया. रिपोर्ट में इसके पीछे शहर की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक निर्भर होना बताया गया है. आधुनिक आईटी, सर्विस सेक्टर और कॉरपोरेट बेस का विस्तार सीमित रहने का असर भी रैंकिंग पर पड़ा है.

स्टील और ऑटो सेक्टर जमशेदपुर की सबसे बड़ी ताकत
जमशेदपुर लंबे समय से देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है. ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में भी इसकी पहचान स्टील, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मजबूत औद्योगिक क्लस्टर के तौर पर हुई है.

हालांकि, वैश्विक शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है. आईटी, आधुनिक सर्विस सेक्टर, कॉरपोरेट गतिविधियां, मानव पूंजी और दूसरी नयी अर्थव्यवस्थाएं भी शहरों की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. रिपोर्ट में जमशेदपुर की रैंकिंग के संदर्भ में इन्हीं क्षेत्रों के सीमित विस्तार को एक वजह के तौर पर बताया गया है.

रांची ने 74 पायदान की छलांग लगायी
इसी रिपोर्ट में झारखंड की राजधानी रांची ने जमशेदपुर की तुलना में रैंकिंग में तेज सुधार दर्ज किया है. रांची 74 पायदान ऊपर चढ़कर 792वें स्थान पर पहुंची है. रिपोर्ट के अनुसार रांची में रिंग रोड और फोर-लेन हाइवे कनेक्टिविटी, बैंकिंग, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, फिनटेक और सरकारी सेवाओं के विस्तार का असर दिखाई दिया है.

आईआईएम, बीआईटी मेसरा, रिम्स और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी के कारण रांची में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का आधार भी मजबूत हुआ है. इसके अलावा रिटेल, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट में निवेश तथा बड़े महानगरों की तुलना में जमीन, ऑफिस स्पेस और जीवनयापन की कम लागत को भी शहर की प्रगति से जोड़ा गया है.

रैंकिंग में सुधार के मामले में प्रयागराज 70 स्थान, लखनऊ 58 स्थान और विशाखापत्तनम 54 स्थान ऊपर आये हैं. रांची ने इन शहरों से अधिक 74 पायदान की बढ़त दर्ज की है.

देश के दूसरे शहरों की क्या स्थिति
बिहार का पटना 783वें स्थान पर है, जबकि गयाजी को 897वीं रैंक मिली है. पटना को मजबूत जनसंख्या और कंजम्पशन ड्रिवन सेंटर के रूप में दर्ज किया गया है. वहीं, गयाजी को पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण वैश्विक सूची में जगह मिली है.

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता 496वें स्थान पर है. वहीं, आसनसोल 852वें स्थान पर है. आसनसोल कोयला, इस्पात और भारी इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में सूची में शामिल है.

टॉप-100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर
रिपोर्ट में भारत के शहरों की वैश्विक मौजूदगी भी मजबूत दिखी है. दुनिया के शीर्ष 100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर शामिल हैं. अमरावती को वैश्विक विकास रैंकिंग में सातवां, सूरत को 11वां और तिरुचिरापल्ली को 13वां स्थान मिला है.

बेंगलुरु को 'सिटीज टू वॉच' सूची में रखा गया है. 2026 से 2030 के बीच यहां 9.2% सालाना जीडीपी वृद्धि का अनुमान दिया गया है. समग्र इंडेक्स में बेंगलुरु 20 पायदान ऊपर चढ़कर 311वें स्थान पर पहुंचा है.

मुंबई कॉरपोरेट मुख्यालय के मामले में वैश्विक स्तर पर 23वें स्थान पर है, जबकि दिल्ली मानव पूंजी के मामले में दुनिया में 13वें स्थान पर है.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports