,

तीन नेत्रदान, छह कॉर्निया और चार बुजुर्गों की जिंदगी में लौटी रोशनी

सागर  बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग और आई बैंक ने कॉर्निया प्रत्यारोपण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले 15 दिनों में मरणोपरांत तीन नेत्रदानों की मदद से नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे और उनकी टीम ने जटिल सर्जरी कर चार बुजुर्ग मरीजों की आंखों की रोशनी वापस लौटाई है। इस चिकित्सीय…

तीन नेत्रदान, छह कॉर्निया और चार बुजुर्गों की जिंदगी में लौटी रोशनी

सागर 
बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग और आई बैंक ने कॉर्निया प्रत्यारोपण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले 15 दिनों में मरणोपरांत तीन नेत्रदानों की मदद से नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे और उनकी टीम ने जटिल सर्जरी कर चार बुजुर्ग मरीजों की आंखों की रोशनी वापस लौटाई है।

इस चिकित्सीय टीम में मुख्य रूप से डॉ. नीलम, डॉ. मानसी, डॉ. शिवानी, डॉ. अजय एवं डॉ. श्रेया शामिल रहीं। रोशनी पाने वाले सभी लाभार्थी सागर शहर व आसपास के ग्रामीण अंचलों के किसान एवं मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।

इन मरीजों को मिला नया जीवन (परिवर्तित नाम):
इमरान खान (73 वर्ष):
पांच महीने पहले फंगल इन्फेक्शन के कारण कॉर्निया पूरी तरह खराब हो चुका था और दिखना बंद हो गया था। प्रत्यारोपण के बाद अब उनकी रोशनी लौट आई है।

सीता बाई (70 वर्ष): दो वर्ष पूर्व चोट लगने से पुतली खराब हो गई थी। लगातार दर्द और अंधेपन से जूझ रही महिला का सफल ऑपरेशन कर पुतली बदली गई।

अशोक (70 वर्ष): बीते पांच वर्षों से पुतली में सफेदी आने के कारण दृष्टिहीनता का शिकार थे। बीएमसी में जांच और प्रत्यारोपण के बाद अब वे देख सकते हैं।

शिवदयाल (71 वर्ष): आठ महीने पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन कॉर्निया में सूजन व फफोले पड़ने से रोशनी चली गई थी। नया कॉर्निया लगने से उनकी दृष्टि बहाल हो गई है।

रिसर्च में काम आएंगी शेष दो कॉर्निया
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने बताया कि हाल ही में तीन दानदाताओं से मरणोपरांत कुल छह कॉर्निया प्राप्त हुई थीं। जांचोपरांत इनमें से चार स्वस्थ कॉर्निया को मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया। शेष दो कॉर्निया प्रत्यारोपण के मानकों के अनुकूल नहीं थीं, इसलिए उनका उपयोग विभाग के पीजी डॉक्टर्स शोध और चिकित्सीय अध्ययन के लिए करेंगे।

सर्जरी और नेत्रदान पूरी तरह निःशुल्क
बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में कॉर्निया प्रत्यारोपण की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है और यह पूरी प्रक्रिया एवं सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की जाती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक स्वैच्छिक और पुनीत कार्य है, जिसके लिए समाज को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए।

आई बैंक की प्रभारी इंचार्ज डॉ. रोशी जैन एवं डॉ. अंजलि वीरानी ने सभी पीजी छात्रों, नर्सिंग स्टाफ (चेतना शुक्ला और रामलखन मीणा) व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर नेत्रदान प्राप्त करने से लेकर प्रत्यारोपण तक का कार्य बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports